पटना सिटी। खाजेकलां थाना क्षेत्र के नून का चौराहा के समीप शीशा का सिपहर मोहल्ला में लॉकडाउन का अनुपालन कराने के दौरान बढ़े विवाद के दौरान हुई फायरिग में गोली लगने से सन्नी गुप्ता की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद सतर्कता बरतते हुए क्षेत्र में तीन दर्जन से अधिक पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। हत्याकांड में नामजद छह आरोपितों में पांच को बुधवार को जेल भेजा गया। थानाध्यक्ष सनोवर खां ने फरार एक आरोपित चांद की शीघ्र गिरफ्तारी की बात कही है।

शांति बनाए रखने की अपील

बुधवार को आपसी सौहार्द के लिए खाजेकलां थाना में एएसपी मनीष कुमार की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक हुई। बैठक में पार्षद आनंद मोहन उर्फ पप्पू, पूर्व पार्षद बलराम चौधरी, महमूद कुरैशी, पार्षद प्रतिनिधि राजेश राय, अंजनी पटेल, परवेज अहमद, अली इमाम समेत अन्य ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपने सुझाव दिए। अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों के सुझाव को अमल में लाने की बात कही।

सन्नी के भाई ने दर्ज कराई प्राथमिकी

सन्नी के भाई दीपक गुप्ता ने दर्ज प्राथमिकी में बताया है कि 20 अप्रैल की शाम पुलिस घर के बाहर बैठे लोगों को लॉकडाउन का पालन कराते हुए गली में आगे बढ़ रही थी। अचानक कुछ लोग भागने लगे। घर के बाहर बैठे लोगों से सन्नी ने अपने घरों में जाने का अनुरोध किया। पड़ोस में रहने वाले मो. हसनैन, मो. नसर, मो. अंजुम और मो. चांद, सन्नी गुप्ता से उलझते हुए गालीगलौज करने लगे। हंगामा होते देख सन्नी की मां ऊषा देवी, पत्नी नेहा, बहन दीपिका आकर लोगों को समझाने लगी। दीपक के अनुसार मो. हसनैन की पत्नी शाहजहां व मो. नसर की पत्नी जैनब हाशमी आकर उलझ गई। मो. हसनैन ने पुत्र मो. चांद व अंजुम को कहा कि रोज-रोज का झगड़ा समाप्त कर दो। यह सुनकर सन्नी गुप्ता व परिवार के सदस्य घर के अंदर आ गए। इसी बीच चांद और अंजुम ने फायरिग कर दी। छत से झांक रहे सन्नी के सिर में गोली लगते ही वह घायल होकर गिर गया। इलाज के दौरान निजी अस्पताल में सन्नी की मौत हो गई। इस मामले में परिवार के छह सदस्यों को नामजद किया गया है।

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