जागरण संवाददाता, पटना : राजधानी के प्रसिद्ध हथुआ मार्केट में गुरुवार तड़के भीषण आग लगने से शेरवानी व पायजामा फैक्ट्री समेत 22 दुकानें जल गईं। इनमें दर्जन भर दुकानें स्वाहा हो गईं, जबकि फैक्ट्री व 10 दुकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा। मूसलाधार वर्षा के बावजूद आग रह-रहकर धधकती रही, जिस पर काबू पाने में  छह घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। आग बुझाने में दमकल के 29 वाहन लगाए गए। इनमें हाजीपुर से दो और सोनपुर व जहानाबाद के एक-एक वाहन मंगाए गए थे। मार्केट के अध्यक्ष मुकेश कुमार जैन के अनुसार, अग्निकांड में अभी 20 करोड़ रुपये की क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, नुकसान का अब तक सटीक आकलन नहीं हो पाया है। पीरबहोर थानाध्यक्ष सबीह उल हक ने बताया कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।

गार्ड बोला-ठनका गिरा है तो अग्निशमन विभाग शार्ट सर्किट बता रहा

स्थानीय दुकानदार विष्णु अग्रवाल के मुताबिक, मार्केट के नाइट गार्ड अजीत ठाकुर ने उन्हें बताया कि उनकी दुकान (मोटा भाई माल) के बगल में बाइक खड़ी थी। सुबह चार बजे धमाका हुआ और बाइक जलने लगी। इससे पहले आकाशीय बिजली चमकी थी। ऐसा लग रहा था, जैसे बाइक पर ठनका गिरा। इसके बाद जब गार्ड वहां पहुंचा तो उसने देखा कि उनकी दुकान के एक हिस्से से आग की तेज लपटें उठ रही हैं। गार्ड ने मार्केट के अध्यक्ष मुकेश जैन को घटना की जानकारी दी, फिर पीरबहोर थाने और फायर स्टेशन को सूचित किया गया। इधर, अग्निशमन विभाग और पुलिस शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जता रही है। अग्निकांड का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। अग्निशमन विभाग की जांच जारी है।

सूचना पर लोदीपुर फायर स्टेशन से पहुंचीं पांच दमकल की गाड़ियां

लोदीपुर फायर स्टेशन को हथुआ मार्केट में आग लगने की सूचना सुबह चार बजकर 21 मिनट पर मिली। तत्काल दमकल के पांच वाहनों को रवाना किया गया। उनके पहुंचने से पहले करीब एक दर्जन दुकानें आग की चपेट में आ चुकी थीं। दमकल की गाड़ियों में अग्निशमन मुख्यालय व ज्ञान भवन स्थित हाईड्रेंट से पानी भरा जा रहा था। रेस्क्यू आपरेशन की निगरानी करने अग्निशमन के डीआइजी विकास कुमार, लोदीपुर फायर स्टेशन प्रभारी अजीत कुमार समेत कई वरीय अधिकारी भी पहुंचे। लगातार मूसलाधार वर्षा हो रही थी, लेकिन इसका लाभ अग्निशमकों को नहीं मिला। सोनपुर, हाजीपुर और जहानाबाद से भी दमकल की गाडिय़ां पहुंची थीं। करीब 11 बजे आग पर पूरी तरह काबू पाया गया।

चूड़ी और इलेक्ट्रानिक दुकानें भी जल गईं

आग से कपड़े की दुकानें चंदा मामा, बिग शाप, बाबा एंड बेबी और महाराज पूरी तरह बर्बाद हो गया। इसके अलावा चूड़ी व इलेक्ट्रानिक सामान की दुकानें जलकर राख हो गईं। वहीं, मोटा भाई माल समेत 10 दुकानों के कुछ हिस्से जल गए। मार्केट में कुल 45 दुकानें हैं। गनीमत रही कि दमकल कर्मियों के प्रयास से बाकी दुकानें बच गईं। 

Edited By: Amit Alok