यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ससुर से लेकर दामाद तक... पूरा परिवार मिलकर करता था फ्रॉड, तरीका जान रह जाएंगे हैरान; पुलिस ने 2 को किया गिरफ्तार
पटना पुलिस ने असली सोने के नामपर नकली सोना थमाकर लोगों से फ्रॉड करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया ...और पढ़ें

HighLights
- कंकड़बाग में कपड़ा करोबारी से ठगी के बाद पकड़े गए दामाद व ससुर
- दिल्ली के आजाद नगर से खरीदकर लाते थे सोने की तरह दिखने वाली मूर्ति
- पटना, लखनऊ और सहारनपुर में भी कर चुके ठगी, पत्नी व बेटी की तलाश
सभी दानापुर में किराये का कमरा लेकर रह रहे थे। दोनों की निशानदेही पर पुलिस उनके कमरे पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने से पहले ही ठग की पत्नी और बेटी वहां से सामान समेटकर भाग निकलीं।
पटना पुलिस की मानें तो, गिरोह पटना के पूर्व लखनऊ और सहारनपुर में ठगी कर चुका है। एएसपी सदर स्वीटी सहरावत ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि लखनऊ और फरीदाबाद पुलिस से संपर्क किया जा रहा है। इनके पते का सत्यापन और आपराधिक इतिहास को भी खंगाला जा रहा है।
बैग में मिली 5.1 किलोग्राम सोने जैसी धातु
कुछ दिन पूर्व कंकड़बाग पुलिस को सूचना मिली थी कि एक दुकानदार को नकली सोने का गहना दिखाकर लाखों रुपये की ठगी कर ली गई। इसके बाद से पुलिस ठग गिरोह की तलाश में जुटी थी।
तभी सोमवार को पता चला कि गिरोह के दो सदस्य पोस्टल पार्क के पास एक कपड़ा दुकानदार को सोने जैसा गणेश जी का लाकेट दिखाकर ठगी का प्रयास कर रहे हैं।
पुलिस मौके पर पहुंची तो दोनों वहां से भागने लगे। पुलिस उन्हें दौड़ाकर दबोच लिया। उनके पास एक बैग मिला, जिसमें से 5.1 किलोग्राम वजन के सोने की तरह दिख रहे गणेश जी के लाकेट बरामद हुए। एक मोबाइल भी मिला।
पूछताछ में दोनों में बताया कि इस धातु को वह दिल्ली के आजाद नगर मार्केट से दस हजार रुपये में खरीदकर लाए थे।
चोरी का बताकर बेचते थे लॉकेट
पुलिस को छानबीन में पता चला कि इस गिरोह में दो महिला दो पुरुष के साथ अन्य कई लोग शामिल है। जो अलग अलग राज्य में घूमकर ठगी करते हैं। महिलाएं और पुरुष अलग अलग ग्रुप बनाकर घूमते थे।
दुकानदार या अन्य किसी से संपर्क करते थे। उन्हें बताते थे कि यह चोरी का लॉकेट है। उन्हें पैसों की जरूरत है, बेचना है। जैसे ही कोई लोभ में फंसता था, वे उनसे नकली सोने के बदले में रुपये लेकर रफ्फूचक्कर हो जाते थे।
