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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 12, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

समान काम का समान वेतन, SC में अंतिम सुनवाई 31 जुलाई को होगी

By Kajal KumariEdited By:
Published: Thu, 12 Jul 2018 07:42 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 12 Jul 2018 09:47 PM (GMT+05:30)

बिहार में नियोजित शिक्षकों को झटका लग सकता है। सुप्रीम कोर्ट में समान काम के लिए समान वेतन पर केंद्र ...और पढ़ें

समान काम का समान वेतन, SC में अंतिम सुनवाई 31 जुलाई को होगी
समान काम का समान वेतन, SC में अंतिम सुनवाई 31 जुलाई को होगी

पटना [जेएनएन]। सुप्रीम कोर्ट में आज समान कार्य के लिए समान वेतन पर सुनवाई होने वाली थी लेकिन अब 31 जुलाई को मामले की अंतिम सुनवाई होगी। इसी दौरान केंद्र सरकार ने बिहार सरकार का समर्थन करते हुए समान कार्य के लिए समान वेतन का विरोध किया। इससे बिहार को 3.7 लाख नियोजित शिक्षकों को केंद्र सरकार की ओर से जोरदार झटका लगा है।

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने बिहार सरकार के स्टैंड का समर्थन किया है। केंद्र के तरफ से दाखिल हलफनामे में कहा गया कि नियोजित शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन नहीं दिया जा सकता है, क्योंकि ये समान कार्य के लिए समान वेतन की कैटेगरी में नहीं आते हैं।

केंद्र सरकार ने कहा कि इन नियोजित शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने पर केंद्र सरकार पर करीब 40 हजार करोड़ का अतिरिक्त भार आयेगा। सुप्रीम कोर्ट में 31 जुलाई को मामले की अंतिम सुनवाई होगी।बिहार सरकार नियोजित शिक्षकों के वेतन पर सालाना 10 हजार करोड़ रुपये खर्च करती है।

अब अगर सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट जैसा फैसला आता है तो नियोजित शिक्षकों का वेतन ढ़ाई गुना बढ़ जायेगा और इस तरह सरकारी खजाने पर 11 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।

गौरतलब हो कि पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अंतिम सुनवाई की तारीख 12 जुलाई के लिए तय की थी। केंद्र सरकार ने अपना पक्ष रखने के लिए और वक्त मांगा था। केंद्र सरकार ने कहा था कि वह अन्य राज्यों के परिपेक्ष में इसे देख रही है़  क्योंकि, एक राज्य को अगर सैलरी पर विचार किया जाएगा तो अन्य राज्यों की ओर से भी मांग उठने लगेगी।