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    हर चार में से तीन मतदाताओं ने भरे मतगणना फॉर्म, अब तक इतने प्रतिशत से ज्यादा फॉर्म जमा; BLO घर-घर जाकर कर रहे यह काम

    By Raman Shukla Edited By: Rajesh Kumar
    Updated: Sat, 12 Jul 2025 10:23 AM (IST)

    बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण में 74% मतदाताओं ने प्रपत्र जमा किए। बीएलओ घर-घर जाकर मदद कर रहे हैं और अधिकारी निगरानी रख रहे हैं। 3.73 करोड़ फॉर्म डिजिटलीकृत हो चुके हैं। 25 जुलाई 2025 तक प्रपत्र जमा करने की अंतिम तिथि है जिसमें चुनाव कर्मी और स्वयंसेवक मतदाताओं की सहायता कर रहे हैं।

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    मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण में 74% मतदाताओं ने प्रपत्र जमा किए। जागरण

    राज्य ब्यूरो, पटना। विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2025 के तहत अब तक 7.90 करोड़ मतदाताओं में से 74.39 प्रतिशत ने अपने मतगणना प्रपत्र भरकर जमा कर दिए हैं। इससे स्पष्ट है कि हर चार में से तीन मतदाताओं का मतगणना प्रपत्र भरने का काम पूरा हो चुका है।

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    एसआईआर के दूसरे चरण में, बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को प्रपत्र भरने में मदद कर रहे हैं और भरे हुए प्रपत्र एकत्र कर रहे हैं। सभी विधानसभा क्षेत्रों को कवर करते हुए, 38 जिला निर्वाचन पदाधिकारी (डीईओ), 243 निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) और 963 सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ) क्षेत्र स्तर पर इस प्रक्रिया की निरंतर निगरानी कर रहे हैं।

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) कार्यालय के अनुसार, मतगणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण और अपलोडिंग भी सुचारू रूप से चल रहा है। एसआईआर दिशानिर्देशों के पैरा 3 (एच) के अनुसार, अब तक 3.73 करोड़ फॉर्म सफलतापूर्वक डिजिटलीकृत किए गए हैं और बीएलओ ऐप/ईसीआईएनईटी के माध्यम से अपलोड किए गए हैं। शुक्रवार को ईसीआईएनईटी में एक नया मॉड्यूल लागू किया गया है जिसके माध्यम से एईआरओ/ईआरओ द्वारा अपलोड किए गए फॉर्म का सत्यापन किया जा सकता है।

    24 जून 2025 को एसआईआर निर्देश जारी होने के बाद पिछले 17 दिनों में 5.87 करोड़ से अधिक मतगणना फॉर्म एकत्र किए गए हैं, जो कुल फॉर्म का 74.39 प्रतिशत है। मतगणना फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 25 जुलाई 2025 निर्धारित की गई है। इस अभियान को समय पर पूरा करने के लिए 77,895 बीएलओ, 20,603 नवनियुक्त बीएलओ और अन्य चुनाव कर्मी लगातार काम कर रहे हैं। साथ ही, 4 लाख से अधिक स्वयंसेवक बुजुर्ग, दिव्यांग, बीमार और असहाय मतदाताओं की मदद कर रहे हैं।