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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 04, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

NDA में आरक्षण पर कलह, नीतीश सरकार के मंत्री ने फिर PM मोदी को लिखा पत्र; मांगा जवाब

By Rajesh ThakurEdited By:
Published: Mon, 04 May 2020 08:48 PM (IST)Updated: Mon, 04 May 2020 10:26 PM (IST)

नीतीश सरकार में शामिल बिहार के उद्योग मंत्री श्याम रजक ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आरक्षण को लेकर ...और पढ़ें

NDA में आरक्षण पर कलह, नीतीश सरकार के मंत्री ने फिर PM मोदी को लिखा पत्र; मांगा जवाब
NDA में आरक्षण पर कलह, नीतीश सरकार के मंत्री ने फिर PM मोदी को लिखा पत्र; मांगा जवाब

पटना, राज्य ब्यूरो। अखिल भारतीय धोबी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नीतीश सरकार में शामिल बिहार के उद्योग मंत्री श्याम रजक ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पुन: पत्र लिखकर आग्रह किया कि वह आरक्षण की व्यवस्था को अक्षुण्ण रखने के मसले पर आश्वासन से संबंधित वक्तव्य दें। इसके पहले भी उन्‍होंने पत्र लिखा था, जिसमें आरोप लगाया था कि कुछ संस्‍थाएं देश में आरक्षण के साथ छेड़छाड़ की कोशिश कर रही हैं। इसी बाबत उन्‍होंने सोमवार को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पर वचन देने का आग्रह किया है।

उद्योग मंत्री श्‍याम रजक ने सोमवार को कहा कि संसद सत्र नहीं चलने के कारण अनुसूचित जाति एवं जनजाति के आरक्षण विषय को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करना संभव नहीं है। मैैंने पूर्व में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उनसे यह आग्रह किया था कि इस बारे में एक वक्तव्य देकर वह इस वर्ग के लोगों के बीच फैली निराशा को दूर करें। प्रधानमंत्री के वक्तव्य से लोग आश्वस्त होंगे। 

मंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी से उत्पन्न परिस्थिति में यह सवाल उठाना उचित प्रतीत नहीं हो रहा, पर आरक्षण के अस्तित्व पर उठा यह प्रश्न भविष्य में अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों पर कोरोना वायरस से भी बड़ा संकट ला देगा। सदियों से महादलित के रूप में रहने के लिए मजबूर जातियां समाज की मुख्यधारा में आने से वंचित हो जाने की आशंका से ग्रस्त हो गयी है। लोगों में आक्रोश भी है। ऐसे में लोगों को आक्रोश एवं निराशा से उबारने के लिए आरक्षण की अक्षुण्णता कायम रखने का वचन देना ही एकमात्र रास्ता है। संविधान की मूल भावना को बचाना भी प्रधानमंत्री का दायित्व बनता है। 

गौरतलब है कि श्‍याम रजक ने 25 अप्रैल को पत्र लिखकर केंद्र पर बड़ा आरोप लगाया था। उन्‍हाेंने पहले के पत्र में कहा था कि कोरोना संकट के बीच आरक्षण से छेड़छाड़ की कोशिश की जा रही है। इसे समाज बर्दाश्‍त नहीं करेगा। उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्‍तक्षेप की मांग की। उन्‍होंने यह पत्र कांग्रेस के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष सोनिया गांधी समेत बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को भी भेजा था। 

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