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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 29, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिहार: महागठबंधन में नेतृत्व पर जारी है तकरार, साथी दल हैं बेकरार

By Kajal KumariEdited By:
Published: Thu, 29 Aug 2019 03:00 PM (IST)Updated: Thu, 29 Aug 2019 10:06 PM (IST)

बिहार में महागठबंधन में फूट अब सामने आ गई है। पहले जीतनराम मांझी ने तेजस्वी के नेतृत्व पर सवाल उठाया ...और पढ़ें

बिहार: महागठबंधन में नेतृत्व पर जारी है तकरार, साथी दल हैं बेकरार
बिहार: महागठबंधन में नेतृत्व पर जारी है तकरार, साथी दल हैं बेकरार

पटना [अरविंद शर्मा]। अरसे बाद महागठबंधन के घटक दल एकजुटता दिखाने के लिए मिले-जुले और भविष्य की रणनीति बनाई। मीडिया को बताया भी। आपस में तय किया कि हम सब एक हैं और एक होकर ही भाजपा-जदयू की संयुक्त ताकत से मुकाबला करेंगे। किंतु बैठक खत्म तो संकल्प भी हवा। महज कुछ घंटे के भीतर ही बयानों की जंग होने लगी। 

नेता के मुद्दे पर हम के प्रमुख जीतनराम मांझी का स्टैंड तो पुराना है। ताजा संदर्भ है कांग्रेस का। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सदानंद सिंह ने लालू प्रसाद के उत्तराधिकारी तेजस्वी यादव को अहंकार से बचने की नसीहत दी। राजद को लोकसभा चुनाव के नतीजे की याद दिलाई और कहा कि लोकतंत्र में जनाधार का आकलन नतीजे से होता है।

सदानंद के बयान का भावार्थ साफ है कि लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा सीटों पर लड़कर भी राजद शून्य पर आउट हो गया था, जबकि कांग्र्रेस ने एक सीट जीतकर लाज बचा ली थी। यह एक सीट उसके हिस्से में आई कुल नौ सीटों में मिली थी। सदानंद सिंह अब उसी नतीजे को बिहार में फ्रंटफुट पर आकर सियासत करने की कोशिश में जुटी कांग्रेस के लिए आधार बनाना चाहते हैं।

कहा-भाई वीरेंद्र ने 

लोकसभा चुनाव के पहले गांधी मैदान की रैली में राहुल गांधी ने कहा था कि वह फ्रंटफुट से खेलना चाहते हैं। चुनाव परिणाम ने राजद की तुलना में राहुल की मंशा को प्रोत्साहित भी किया है। राजद विधायक भाई वीरेंद्र की नजर में ये सब टीवी पर चेहरा चमकाने की कवायद है। दुराव-मनमुटाव नहीं है। 

कहा-मुकेश सहनी ने  

तेजस्वी महागठबंधन के नेता हैं और रहेंगे। यह बात अलग है कि अभी कुछ भी तय नहीं हुआ है, लेकिन सबसे बड़े दल के नेता के चेहरे पर ही तो चुनाव मैदान में जाना है। -

मुकेश सहनी, अध्यक्ष, विकासशील इंसान पार्टी

कहा-उपेंद्र कुशवाहा ने 

लालू प्रसाद सबसे बड़े नेता हैं। महागठबंधन में अलग-अलग पार्टियां हैं। समय आने पर हम सब मिलकर अपना नेता चुन लेंगे। 

उपेंद्र कुशवाहा, अध्यक्ष, रालोसपा

सदानंद सिंह के बयान को मांझी से जोड़कर देखा जा रहा है। महज एक दिन पहले महागठबंधन की बैठक से बाहर निकलते ही मांझी ने कहा था कि नेतृत्व का मुद्दा अभी बरकरार है। मांझी ने तेजस्वी के बारे में कहा कि वह सिर्फ विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। यह भी जोड़ा कि पहले बिहार में राजग अपना नेता घोषित करे उसके बाद हमलोग भी कर देंगे। मांझी पहले भी तेजस्वी को अपरिपक्व और अनुभवहीन बता चुके हैं।