राज्य ब्यूरो, पटना : भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामले में गुरुवार को पूर्णिया के डगरुआ के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अजय कुमार प्रिंस के बिहार और बंगाल के चार ठिकानों पर छापेमारी की गई। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की कार्रवाई में बीडीओ के पास बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन व मकान मिले हैं। अभी तक की जांच में बीडीओ के पास आय से 229 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिली है। इसमें और वृद्धि हो सकती है। अजय कुमार प्रिंस की जिन शहरों में जमीन है, उनमें अधिसंख्य का पहला अक्षर द से शुरू होता है। 

ईओयू के अनुसार, बीडीओ अजय के खिलाफ पद का दुरुपयोग कर अवैध कमाई करने की गुप्त सूचना मिली थी। इसका सत्यापन कराने पर मामला सही पाया गया, जिसके बाद अलग-अलग टीमों ने पटना के दानापुर स्थित डिफेंस कालोनी, पश्चिम बंगाल के दालकोला स्थित मकान, वैशाली के देसरी थाना अंतर्गत वाजिदपुर कस्तूरी गांव स्थित पैतृक आवास और डगरूआ के प्रखंड कार्यालय में तलाशी ली। ईओयू अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में आर्थिक अपराध थाने में बीडीओ के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। 

'द' अक्षर के शहरों में खरीदी जमीन

यह भी संयोग है कि बीडीओ अजय कुमार प्रिंस की बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश के जिन शहरों में जमीन है, उनमें अधिसंख्य का पहला अक्षर द से शुरू होता है। बीडीओ ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में पांच डिसमिल जमीन और उत्तरी दिनाजपुर के श्रीपल्ली में अपना मकान बनाया है, जिसकी कीमत 40 लाख रुपये आंकी गई है। बीडीओ ने अपने नाम पर दानापुर के डिफेंस कालोनी में एक कट्ठा जमीन 20 लाख रुपये में खरीदी जिसपर करीब 40 लाख रुपये खर्च कर भव्य तीन मंजिला मकान बनाया। उत्तर प्रदेश के दादरी में भी अपने नाम पर 100 गज जमीन की खरीद की है। इसके अलावा बीडीओ ने पत्नी के नाम पर पूर्णिया में लगभग 40 डिसमिल जमीन भी खरीदी है। वर्तमान में इनका परिवार उत्तरी दिनाजपुर के श्रीपल्ली के वार्ड नंबर छह, दालकोला के अपने मकान में रह रहा है।

1.38 लाख नकद मिले, शेयर बाजार में किया निवेश

बीडीओ के ठिकाने की तलाशी के दौरान जांच टीम को एक लाख 38 हजार 700 रुपये नकद मिले। इसके अलावा चार बैंक खातों की जानकारी मिली है। बीडीओ ने अपने व पत्नी के नाम पर एसबीआइ, आइसीआइसीआइ समेत विभिन्न शेयरों में निवेश किया है। जीवन बीमा निगम और रिलायंस म्यूचुअल फंड में निवेश से जुड़े कागजात भी मिले हैं। एक स्कूटी और हुंडई आइ-10 कार भी मिली है, जिसकी कीमत 5.5 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा पिता के नाम से एक स्कार्पियो गाड़ी होने की भी जानकारी मिली है।

2013 में बने बीडीओ, कांटी में पहली पोस्टिंग

अजय कुमार प्रिंस ने महज नौ सालों में इतनी बड़ी संपत्ति खड़ी कर ली। वर्ष 2013 के नंवबर माह में बीपीएससी की 53-56वीं परीक्षा पास कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी के रूप में मुजफ्फरपुर के कांटी में पहली पोस्टिंग मिली। इसके बाद औरंगाबाद सदर प्रखंड व कटिहार के बलरामपुर प्रखंड में भी बीडीओ के रूप में कार्य किया। ईओयू के अनुसार, इन सारे पदों पर रहते हुए अजय ने पद का दुरुपयोग कर अवैध एवं भ्रष्ट तरीके से संपत्ति अर्जित की। 

Edited By: Akshay Pandey