'सिख नरसंहार की तारीख पर रैली का आयोजन शर्मनाक', चिराग पासवान का कांग्रेस पर तंज
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कांग्रेस की प्रस्तावित रैली की तारीख पर निशाना साधा, इसे 1984 के सिख नरसंहार से जोड़ा।
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चिराग पासवान। (फोटो- ANI)
HighLights
चिराग ने कांग्रेस की रैली की तारीख पर सवाल उठाए।
1984 सिख नरसंहार के ऐतिहासिक महत्व का जिक्र किया।
नसीरुद्दीन शाह के 'अर्बन नक्सल' बयान पर भी टिप्पणी की।
राज्य ब्यूरो, पटना। लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कांग्रेस की प्रस्तावित रैली को लेकर निशाना साधा है।
चिराग पासवान शुक्रवार को पटना पहुंचने के बाद एयरपोर्ट पर मीडिया से बात कर रहे थे। लोजपा (आर) अध्यक्ष ने कहा कि पता नहीं यह संयोग है या जानबूझकर, लेकिन कांग्रेस को कम से कम इस तारीख के ऐतिहासिक महत्व का ध्यान रखना चाहिए था।
इसी दिन दिल्ली की धरती पर सिखों का नरसंहार हुआ था। पंजाब में चुनाव सामने हैं और कांग्रेस इस दिन रैली कर शक्ति प्रदर्शन के जरिए उन परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रही है, जिन्होंने इस नरसंहार में अपनों को खोया था।
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के अर्बन नक्सल संबंधी बयान पर चिराग ने कहा कि देश में बंटवारे की सोच को बढ़ावा देना और मौजूदा व्यवस्था को बलपूर्वक बदलकर सत्ता हासिल करने की मानसिकता ही दिमागी नक्सलवाद है।
पाकिस्तान में सेना के दुरुपयोग से सत्ता परिवर्तन इसके उदाहरण हैं। उन्होंने दुलारचंद हत्या मामले पर यह कहते हैं टिप्पणी से मना कर दिया कि कोर्ट के फैसले पर टिप्पणी उचित नहीं।
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