बिहार DGP को फर्जी कॉल करने के मामले में IPS आदित्य कुमार के खिलाफ आरोप तय, जानें क्या है पूरा मामला
पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के नाम पर बिहार के डीजीपी को फर्जी कॉल करने के मामले में आरोपित आईपीएस आदित्य कुमार के खिलाफ गुरुवार को आर्थिक अपराध मामलों की विशेष अदालत ने आरोप तय कर दिया है। अदालत ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को पढ़कर सुनाया। आरोपों को सुनने के बाद आरोपित ने आरोपों से इनकार किया।

जागरण संवाददाता, पटना। पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के नाम पर बिहार के डीजीपी को फर्जी कॉल कर पैरवी करवाने के मामले में आरोपित गया जिले के तत्कालीन एसएसपी आदित्य कुमार के खिलाफ गुरुवार को आर्थिक अपराध मामलों की विशेष अदालत की न्यायाधीश सारिका बहालिया की अदालत ने आरोप तय कर दिया।
अदालत ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को पढ़कर सुनाया। आरोपों को सुनने के बाद आरोपित ने अपने ऊपर लगाये गये आरोपों से इनकार किया। आरोपित को जेल से लाकर अदालत में पेश किया गया था।
इसके बाद अदालत ने मामले में अभियोजन पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। अदालत ने पटना उच्च न्यायालय के निर्देश पर आईपीएस कुमार को जमानत पर मुक्त किए जाने का आदेश दिया।
क्या है पूरा मामला?
गया जिले के तत्कालीन एसएसपी आदित्य कुमार के खिलाफ दर्ज मुकदमे और विभागीय कार्रवाई को रफा-दफा करने के लिए पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बनकर मामले के एक अन्य आरोपित द्वारा बिहार के डीजीपी को फर्जी कॉल किया गया था।
इसे लेकर आर्थिक अपराध इकाई ने केस दर्ज किया था। मामला आईपीसी की धारा 353 ,387, 419 ,420 ,467, 468, 120b और 66 तथा 66 डी आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया था।
मामले में फर्जी कॉल करने वाले अभिषेक जायसवाल उर्फ अभिषेक भोपाली और आईपीएस आदित्य कुमार सहित पांच लोगों के खिलाफ पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया है।
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