पटना में छह महीने से चेन झपटने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 25 से अधिक मामले दर्ज
पटना पुलिस ने चेन झपटमारी करने वाले गिरोह के सरगना शुभम कुमार को गिरफ्तार किया है। शुभम और उसके साथियों पर 25 से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने शुभम की निशानदेही पर तीन सुनारों को भी गिरफ्तार किया है, जो चोरी की चेन पिघलाते थे। उनके पास से सोने के गहने और घटना में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद हुई है। गिरोह पटना के कई थाना क्षेत्रों में सक्रिय था।

चेन झपटने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
जागरण संवाददाता, पटना। छह महीनों से बाइक से घूमकर चेन झपटने वाले गिरोह के मुख्य आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर झपटमारी की चेन गलाने वाले तीन सोनार को भी दबोच लिया गया है। इनके पास से सोने जैसा तीन चेन, सोने का गला हुआ सिक्का सहित अन्य आभूषण को बरामद किया गया है।
घटना में इस्तेमाल अपाचे बाइक को भी जब्त कर लिया गया है। आरोपित की पहचान शुभम कुमार के रूप में हुई, जो गोला रोड दानापुर का निवासी है। वहीं तीनों सोनार की पहचान की पहचान राजकुमार, रितिक राज, धनंजय कुमार के रूप में हुई है। शुभम और उसके सहयोगियों के खिलाफ 25 से अधिक मामले दर्ज हैं।
16 जगह झपटमारी की घटना को अंजाम दे चुका
बीते छह माह में वह अपने साथियों के साथ नौ थाना क्षेत्रों में 16 जगह झपटमारी की घटना को अंजाम दे चुका था। गिरोह के चार से पांच अन्य बदमाशों की पहचान कर उनकी तलाश में पुलिस अलग अलग ठिकानों पर दबिश दे रही है।
सिटी एसपी दीक्षा ने बताया कि इस गिरोह के चार बदमाशों को इसी वर्ष मई में इसके गिरोह के चार बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। गिरोह का मुख्य आरोपित शुभम कुमार फरार चल रहा था।
राजीव नगर में झपटमारी के बाद शुभम के ठिकाने तक पहुंची पुलिस
शुक्रवार को कंकड़बाग चेन झपटमारी हुई। इसके बाद राजीव नगर के नालंदा कालोनी में चेन झपट ली गई। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए सिटी एसपी ने राजीव नगर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए गिरोह की पहचान कर उस दिशा में गई, जहां बाइक सवार घटना के बाद भागे। देर रात पुलिस शुभम कुमार को दानापुर से दबोच लिया।
उसके साथ सोना गलाने वाले तीन अन्य को गिरफ्तार किया। करीब छह लाख रुपये के गहने, 10 हजार रुपये और बाइक बरामद किया गया।
नंबर प्लेट के साथ ही बदल जाता था झपटमार
गिरोह झपटमारी के चेन को दानापुर स्थित सोनार को बेचता था। जो उन्हें गलाकर रुपये देता था। बैंक खातों के जरिए दोनों के बीच लेनदेन की पुष्टि भी हुई है। यह गिरोह बार बार बाइक की नंबर प्लेट बदलता था।
एक दिन में एक से दो झपटमारी के बाद दूसरी बार जब यह गिरोह निकलता था, तब बाइक पर उस बदमाश को नहीं बैठाते थे, जिसका चेहरा फुटेज में आ गया हो। यह गिरोह कंकड़बाग, पीरबहोर, गांधी मैदान, कोतवाली, बुद्धा कॉलोनी, शास्त्री नगर, रामकृष्णा नगर और राजीव नगर थाने के क्षेत्रों में सक्रिय था।

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