लालू यादव से मुलाकात कर चुके Manoj Bajpayee ने राजनीति में एंट्री पर कह दी बड़ी बात, बिहार सरकार से की ये मांग
Manoj Bajpayee एक्टर मनोज बाजपेयी अपनी फिल्म के प्रमोशन के लिए पटना पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब मैं पिछली बार बिहार आया था तब मैंने लालू यादव और उनके बेटे तेजस्वी से मुलाकात की थी। इसके बाद ही मेरे राजनीति में आने की चर्चा शुरू हो गई।

पटना, पीटीआई। बॉलीवुड एक्टर मनोज बाजपेयी अपनी फिल्म 'सिर्फ एक बंदा काफी है' के प्रमोशन के सिलसिले में बुधवार को बिहार में थे। इस मौके पर उन्होंने पॉलिटिक्स में एंट्री को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि मैं 200 प्रतिशत श्योर हूं कि मैं राजनीति में नहीं आऊंगा।
समाचार एजेंसी से बातचीत में मनोज बाजपेयी ने कहा 'जब मैं पिछली बार बिहार आया था, तब मैंने राजद प्रमुख लालू प्रसाद (Lalu Yadav) और उनके बेटे व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) से मुलाकात की थी। तब से लोग कयास लगाने लगे कि मैं राजनीति में आऊंगा। मैं 200 फीसदी आश्वस्त हूं कि मैं ऐसा नहीं करूंगा। राजनीति में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता।
बता दें कि बॉलीवुड में अपनी एक्टिंग से मनोज बाजपेयी ने दमदार अभिनय से अलग पहचान बनाई है। वे पश्चिमी चंपारण जिले के बेलवा गांव के रहने वाले हैं।
मनोज बाजपेयी पिछले साल सितंबर में भी बिहार आए थे। इस दौरान उन्होंने लालू प्रसाद से उनके 10, सर्कुलर रोड स्थित आवास पर मुलाकात की थी।
मनोज बाजपेयी बुधवार को हाल ही रिलीज हुई अपनी फिल्म 'सिर्फ एक बंदा काफी है' (Sirf Ek Bandaa Kaafi Hai) के प्रमोशन के लिए पटना में थे। इस फिल्म में उन्होंने एक वकील की भूमिका निभाई है। यह फिल्म एक सच्ची घटना पर आधारित है। फिल्म में एक बेहद पॉवरफुल कथावाचक और संत पर एक बच्ची के यौन शोषण का आरोप को दिखाया गया।
तीन राष्ट्रीय पुरस्कार और चार फिल्मफेयर पुरस्कार अपने नाम कर चुके बाजपेयी ने कहा 'मैं अभिनेता हूं और अभिनेता ही रहूंगा। राजनीति में शामिल होने का सवाल कैसे उठता है?'
बिहार सरकार को तुरंत लानी चाहिए फिल्म नीति
नई फिल्म नीति लाने को लेकर उन्होंने कहा कि "राज्य सरकार को तुरंत नई फिल्म नीति पेश करनी चाहिए, जो राज्य के कलाकारों को एक उचित प्लेटफॉर्म देगी। इसके साथ ही बिहार में जो फिल्म निर्माताओं शूटिंग करना चाहते हैं, उससे उनको लाभ मिलेगा।
फिल्म एक्टर ने आगे यह भी कहा कि बिहार में फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं हैं। राज्य का गौरवशाली इतिहास, कला और प्राकृतिक सिनेमाई खजाने किसी भी डायरेक्टर को आकर्षित करने के लिए काफी है।
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