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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 23, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पटना के जेपी सेतु से टकराकर गंगा में डूबी नाव, पांच लोग अब भी लापता; सामने आया ये वीडियो

By Jagran NewsEdited By: Shubh Narayan Pathak
Published: Sun, 23 Oct 2022 11:09 AM (IST)Updated: Sun, 23 Oct 2022 12:30 PM (IST)

Patna Boat Accident पटना में रविवार की सुबह नाव हादसा हो गया। पटना और सोनपुर के बीच बने जेपी सेतु ...और पढ़ें

Patna Boat Accident: पटना में गंगा में डूब गई नाव। वीडियोग्रैब
Patna Boat Accident: पटना में गंगा में डूब गई नाव। वीडियोग्रैब

पटना, जागरण टीम। Patna Boat Accident: पटना के दीघा घाट के सामने गंगा में एक बड़ी नाव डूब गई। सोनपुर को जोड़ने वाले जेपी सेतु के खंभे से टकराने के बाद नाव पूरी तरह गंगा में समा गई। इस हादसे के बाद तैरना जानने वाले करीब 11 लोगों को स्‍थानीय निवासियों के प्रयास से बाहर निकाल लिया गया। लेकिन पांच-छह लोग अब तक लापता बताए जा रहे हैं। यह हादसा सुबह आठ बजे के करीब हुआ। 

13 से 20 के बीच लोग थे सवार 

मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा सोनपुर में बालू लदी नाव डूब गई है। इस नाव पर करीब 20 लोग सवार थे, जिनमें से 11 लोगों को निकाल लिया गया है। पिलर नंबर 10 और 15 के बीच यह घटना हुई है। इस घटना में कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। कुछ लोगों का दावा है कि नाव पर 13 लोग सवार थे। इनमें आठ लोग तैरकर निकल गए।

कोईलवर से लेकर आ रहे थे बालू 

सभी लोग पटना और भोजपुर जिले के बीच कोईलवर से सोन नदी का बालू लेकर सोनपुर जा रहे थे। इसी बीच हादसा हो गया। लापता सभी लोग पटना जिले के अंतर्गत मनेर के महिनावां गांव के रहने वाले हैं। लापता लोगों मेंं भगवान सिंह, कैलाश राय, भुलेटन राय, धर्मेंद्र राय और पप्पू राय शामिल हैं। 

सीमा विवाद में उलझी पुलिस

हादसे के बाद दो जिलों के तीन थानों की पुलिस सीमा विवाद में उलझ गई। दीघा थाना का कहना है कि छह नंबर पाया तक उनका इलाका है। सोनपुर पुलिस का कहना है कि 13 नंबर पाया से उसके थाना क्षेत्र में आता है तो फिर 7 से 12 नंबर पाया जेपी सेतु का किस थाने में है। 

हर बार होता है ऐसा 

अवैध बालू के खेल में पटना और सारण (छपरा) जिले के बीच ऐसे हादसे आम हैं। यहां नाव डूबने की घटनाएं होती ही रहती हैं। कई बार निर्जन में घटना होती, तो किसी को पता भी नहीं चलता। इस बार पटना के सामने हादसा हुआ, तो वीडियो भी सामने आ गया। इन नावों पर बालू तस्‍करी होती है। इसलिए न तो पुलिस और न ही प्रभावित मामले में खुलकर कुछ बोलते हैं। हर बाद पटना और छपरा की पुलिस मामले को एक-दूसरे के क्षेत्र में बताकर टाल देती है। कई बार तो कोई पुलिस घटनास्‍थल पर पहुंचती ही नहीं है।