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    बिहार बनेगा IT सेक्टर का हब! 2000 करोड़ का निवेश लाने की तैयारी में नीतीश सरकार; एक्शन प्लान तैयार

    Updated: Mon, 16 Sep 2024 06:38 PM (IST)

    IT Investment in Bihar बिहार सरकार राज्य में आईटी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सभी जिलों में आधारभूत संरचना विकसित करने जा रही है। इस पहल का उद्देश्य आईटी क्षेत्र में अगले वर्ष तक 2000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना है। विभागीय अधिकारियों ने आईटी कंपनियों को आमंत्रित करने का प्रस्ताव तैयार किया है जिस पर मुख्य सचिव स्तर पर चर्चा की जाएगी।

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    आइटी सेक्टर से दो हजार करोड़ निवेश लाने की तैयारी।

    राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में आइटी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सभी जिलों में आधारभूत संरचना को विकसित किया जाएगा। इससे आइटी सेक्टर के उद्यमियों को आमंत्रित करने और निवेश बढ़ाने में सहायता मिलेगी। अगले वर्ष तक आइटी सेक्टर से दो हजार करोड़ रुपये का निवेश लाने की तैयारी हो रही है।

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    सूचना प्रावैधिकी मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन के निर्देश पर विभागीय अफसरों ने आइटी सेक्टर से जुड़ी कंपनियों को आमंत्रित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस पर अमल करने से पहले मुख्य सचिव के स्तर पर विमर्श किया जाएगा।

    आइटी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए पेशेवरों की ली जाएगी मदद

    विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, राज्य के शहरी क्षेत्रों में आइटी इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने पर भी पावर प्वॉइंट प्रजेंटेशन तैयार किया गया है।

    सभी जिलों के शहरी क्षेत्रों में आइटी इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने हेतु आइटी विशेषज्ञों और आइटी पेशेवरों की भी मदद ली जाएगी।

    अगले साल मार्च तक 2000 करोड़ के निवेश का टारगेट 

    विभाग का अनुमान है कि यदि अगले साल मार्च तक दो हजार करोड़ रुपये का निवेश आइटी सेक्टर में लाने में सफलता मिलती है तो इससे प्रत्यक्ष रूप से 20-22 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

    चार दर्जन से ज्यादा शहरों में आइटी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होगा काम

    विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में सभी जिलों में चार दर्जन से ज्यादा शहरी क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है, जहां आइटी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। इस पर दिसंबर से कार्यारंभ किया जाएगा।

    इससे संबंधित योजना पर पूर्व में ही विभागीय सहमति मिल चुकी है। इसका उद्देश्य शहरों में आइटी संबंधी बुनियादी ई-सुविधाओं को विकसित करना है। इसके तहत कंप्यूटर समेत साफ्टवेयर की स्थापना की जाएगी।

    इसके साथ ही, उच्च क्षमता व मानक का प्रोसेसर, प्रिंटर, स्कैनर डिवाइस, पावर बैकअप के लिए यूपीएस और 10 एमबीपीएस स्पीड की इंटरनेट कनेक्टिविटी आदि सुविधाएं दी जाएंगी। इसी के साथ जिला मुख्यालयों में आइटी पार्क की स्थापना की जाएगी।

    दो चरणों में 2025-26 तक पूरी होगी योजना

    योजना के मुताबिक पूरे राज्य में 261 निकाय है, लेकिन पहले बड़े शहरों में आइटी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर काम शुरू होगा। फिर छोटे शहरों में भी योजना के अनुरूप काम होगा। स्वीकृत योजना को दो चरणों में 2025-26 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

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