बिहार में ग्रेजुएशन के लिए 6 हफ्ते की इंटर्नशिप जरूरी, राज्यपाल ने कुलपतियों को जारी किए निर्देश
बिहार के विश्वविद्यालयों में स्नातक छात्रों के लिए 4 से 6 सप्ताह का इंटर्नशिप अनिवार्य किया गया है। यह इंटर्नशिप ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
स्नातक छात्रों के लिए 4-6 सप्ताह का इंटर्नशिप अनिवार्य।
यह इंटर्नशिप पांचवें सेमेस्टर में चार क्रेडिट का होगा।
व्यक्तिगत रूप से 120 घंटे की इंटर्नशिप पूरी करनी होगी।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के विश्वविद्यालयों में स्नातक संकाय के छात्र-छात्राओं के लिए चार से छह सप्ताह तक का इंटर्नशिप करना अनिवार्य होगा। यह स्नातक पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा होगा।
इंटर्नशिप चार क्रेडिट की होगी और इसे पांचवें सेमेस्टर में दिया जाएगा। इस संबंध में राज्यपाल सचिवालय ने सभी कुलपतियों को निर्देश दिया है।
बता दें कि जून 2026 में राज्यपाल एवं कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के अनुरूप तैयार इंटर्नशिप गाइडलाइंस फॉर अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम्स इन यूनिवर्सिटीज ऑफ बिहार को स्वीकृति प्रदान की थी।
पांचवां समेस्टर खत्म होने से पहले इंटर्नशिप अनिवार्य
स्नातक संकाय के छात्र-छात्राओं के लिए इंटर्नशिप की व्यवस्था चार वर्षीय सीबीसीएस आधारित स्नातक पाठ्यक्रमों में एग्जिट प्वाइंट (द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के बाद) के साथ-साथ लागू किया गया है, जो पांचवें सेमेस्टर से पहले होने वाली अनिवार्य इंटर्नशिप पर भी लागू होगा।
इसके तहत सभी स्नातक छात्रों को चार से छह सप्ताह की अवधि में कुल 120 घंटे की इंटर्नशिप पूरी करनी होगी। प्रत्येक छात्र को व्यक्तिगत रूप से इंटर्नशिप करनी होगी। समूह इंटर्नशिप की अनुमति नहीं होगी।
निर्देश के अनुसार 120 घंटों में से कम-से-कम 90 घंटे इंटर्नशिप प्रदान करने वाले संस्थान में कार्य करना होगा, जबकि शेष समय रिपोर्ट लेखन, मूल्यांकन एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए निर्धारित रहेगा।
सीबीसीएस आधारित स्नातक पाठ्यक्रमों के छात्रों को चौथे सेमेस्टर की परीक्षा के बाद ग्रीष्मावकाश के दौरान इंटर्नशिप पूरी करनी होगी। यदि किसी कारणवश छात्र निर्धारित अवधि में इंटर्नशिप पूरी नहीं कर पाएंगे, तो उन्हें पांचवें सेमेस्टर की समाप्ति से पहले इसे पूरा करने की अनिवार्यता होगी। इंटर्नशिप के लिए संस्थानों का चयन प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।