पटना विश्वविद्यालय के छात्रों को बड़ी राहत, 30 नवंबर तक बढ़ी सब्जेक्ट रजिस्ट्रेशन की डेट
PU University ने स्नातक सत्र 2026-27 के छात्रों के लिए विषय पंजीयन की अंतिम तिथि 30 नवंबर तक बढ़ा दी ...और पढ़ें

पटना यूनिवर्सिटी। फाइल फोटो
HighLights
स्नातक विषय पंजीयन की अंतिम तिथि 30 नवंबर तक बढ़ी।
तकनीकी समस्याओं के कारण छात्रों को मिली बड़ी राहत।
सभी प्रमुख कॉलेजों को विश्वविद्यालय ने निर्देश जारी किए।
जागरण संवाददाता, पटना। PU (पटना विश्वविद्यालय) ने स्नातक सत्र 2026-27 में नामांकित विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक (नियमित एवं स्ववित्तपोषित) पाठ्यक्रमों में विषय पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 30 नवंबर कर दी है।
इससे उन विद्यार्थियों को विशेष राहत मिलेगी, जो तकनीकी समस्याओं या अन्य कारणों से निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना विषय पंजीयन नहीं करा सके थे।
कुलपति के आदेश पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। इसके पहले विषय पंजीयन के लिए 14 से 30 अक्टूबर तक की तिथि निर्धारित की गई थी।
हालांकि, विद्यार्थियों को पोर्टल पर आ रही तकनीकी दिक्कतों और अन्य समस्याओं को देखते हुए विश्वविद्यालय ने पंजीयन की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है।
छह प्रमुख कॉलेज के प्राचार्यों को भेजा गया पत्र
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस संबंध में अपने अधीनस्थ सभी प्रमुख महाविद्यालयों के प्राचार्यों को पत्र भेजकर आवश्यक निर्देश दिया हैं। इनमें कला एवं शिल्प महाविद्यालय, मगध महिला कॉलेज, बीएन कॉलेज, पटना कॉलेज, वाणिज्य महाविद्यालय और पटना साइंस कॉलेज शामिल हैं।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि वर्ष 2026 में नामांकित सभी विद्यार्थी बढ़ी हुई समय सीमा का लाभ उठाते हुए 30 नवंबर तक अपना विषय पंजीयन अवश्य पूरा कर लें।
कॉलेज प्रशासन से संपर्क करने की सलाह
विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को अपने संबंधित कॉलेज प्रशासन से संपर्क कर पोर्टल के माध्यम से पंजीयन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी है। प्रशासन का कहना है कि समय पर विषय पंजीयन नहीं होने की स्थिति में भविष्य में परीक्षा और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के दौरान विद्यार्थियों को परेशानी हो सकती है।
ऐसे में अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना पंजीयन पूरा कर लेना बेहतर होगा। विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूर्व में जारी अधिसूचना के अन्य सभी बिंदु और शर्तें पहले की तरह ही लागू रहेंगी।
पंजीयन के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या आने पर विद्यार्थी अपने संबंधित कॉलेज प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं।
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