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विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार की बड़ी सौगात, बिहार के 19 जिलों में खुलेंगे केंद्रीय विद्यालय

Published: Wed, 01 Oct 2025 04:57 PM (IST)

चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने बिहार को 19 केंद्रीय विद्यालयों की सौगात दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वेष्णव ने ...और पढ़ें

बिहार के 19 जिलों में खुलेंगे केंद्रीय विद्यालय
बिहार के 19 जिलों में खुलेंगे केंद्रीय विद्यालय

 डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने राज्य को बड़ी सौगात दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बिहार के लिए 19 केन्द्रीय विद्यालय स्वीकृत कर दिए हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वेष्णव ने यह जानकारी दी।  केंद्र सरकार के इस फैसले से राज्य को शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाई मिलेगी।

बिहार के इन स्थानों पर खुलेंगे केंद्रीय विद्यालय

क्र.सं. जिला/स्थान
1 20वीं बटालियन एसएसबी पकटोला, जिला. सीतामढी (आकांक्षी)
2 आईटीबीपी कटिहार, जिला. कटिहार (आकांक्षी)
3 कैमूर, जिला. भभुआ
4 झंझारपुर, जिला. मधुबनी
5 मधुबनी, जिला. मधुबनी
6 निमी, शेखोपुरसराय, जिला. शेखपुरा (आकांक्षी)
7 जमुआरा एवं कटनीकोल, जिला. शेखपुरा
8 मधेपुरा, जिला. मधेपुरा
9 वाल्मी, जिला. पटना
10 अरवल, जिला. अरवल
11 पूर्णिया, जिला. पूर्णिया (आकांक्षी)
12 आरा टाउन, जिला. भोजपुर
13 मुजफ्फरपुर (बेला औद्योगिक क्षेत्र) (आकांक्षी)
14 मुंगेर टाउन, जिला. मुंगेर
15 दीघा, जिला. पटना
16 नंबर 3 दरभंगा (एम्स), जिला. दरभंगा
17 भागलपुर शहर, जिला. भागलपुर
18 बिहारशरीफ शहर, जिला. नालन्दा
19 बोधगया, जिला. गया (आकांक्षी)

शेखपुरा को मिला दो केंद्रीय विद्यालय की सौगात

बिहार के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। केंद्रीय कैबिनेट ने राज्य में 19 नए केंद्रीय विद्यालय खोलने की स्वीकृति दी है। इनमें शेखपुरा जिले के लिए दो केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की अनुमति प्रदान की गई है। यह जिले के विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए बेहद हर्ष का विषय है।

शेखपुरा में ये विद्यालय निमी-शेखपुरसराय और जमुआरा-कटनीकोल में स्थापित किए जाएंगे। इनके खुलने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा। साथ ही जिले में शिक्षा के स्तर को ऊँचाई पर ले जाने में यह कदम मील का पत्थर साबित होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के अनुरूप शिक्षा प्राप्त होगी, जिससे भविष्य में उनकी शैक्षणिक और व्यावसायिक प्रगति की संभावनाएं बढ़ेंगी।

शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि इन विद्यालयों की स्थापना से शिक्षा का दायरा और अधिक व्यापक होगा और विशेष रूप से आकांक्षी जिलों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने का लक्ष्य भी पूरा होगा।