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Bihar Government: 69 आईटीआई बनेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, आधुनिक ट्रेडों में मिलेगा प्रशिक्षण

Published: Tue, 25 Nov 2025 01:23 PM (IST)

बिहार सरकार युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण देने और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। राज्य ...और पढ़ें

अगले माह से 69 आईटीआई को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में कौशल विकास प्रशिक्षण

अगले माह से 69 आईटीआई को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में कौशल विकास प्रशिक्षण

HighLights

  1. 69 आईटीआई बनेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

  2. अगले माह से कौशल विकास प्रशिक्षण

  3. आधुनिक ट्रेडों में मिलेगा प्रशिक्षण

राज्य ब्यूरो, पटना। नई सरकार द्वारा राज्य में युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण देने और रोजगार-स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने की प्राथमिकताएं तय की जा रही हैं। इस कड़ी में राज्य में 69 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का काम पूरा कर लिया गया है, जहां अगले माह से युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण देने का कार्यारंभ होगा।

इसके लिए श्रम संसाधन विभाग ने कार्य योजना तैयार करने का निर्देश नोडल अधिकारियों को दिया है। इन संस्थानों में युवाओं को आधुनिक ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से प्रशिक्षित युवा उद्योगों में सीधे रोजगार प्राप्त कर सकेंगे, जिससे बिहार का कौशल विकास क्षेत्र मजबूत बनेगा। सरकार का लक्ष्य है कि सभी आईटीआई में यह सुविधा शीघ्र बहाल हो जाए, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवा समान रूप से लाभान्वित हो सकें।

श्रम संसाधन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक राज्य के युवाओं के कौशल विकास का मुख्य लक्ष्य उन्हें रोजगार योग्य बनाना, स्वरोजगार के अवसर पैदा करना और उन्हें भविष्य के कार्यबल के लिए तैयार करना है। इसका उद्देश्य बेरोजगारी और अल्प-रोजगारी को कम करना, उत्पादकता बढ़ाना और जीवन स्तर में सुधार करना भी है। इसके अतिरिक्त, यह योजनाएं युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देती हैं, नए कौशल सिखाती हैं, और तकनीकी परिवर्तन के अनुकूल बनने की क्षमता विकसित करती हैं।

यह है मुख्य लक्ष्य-

रोजगार क्षमता बढ़ाना : युवाओं को उद्योग-प्रासंगिक कौशल प्रदान करके उन्हें नौकरी पाने में मदद करना। इसके लिए जिला स्तर पर मेगा कौशल विकास सेंटर का ढांचा तैयार किया जाएगा।

स्वरोजगार को बढ़ावा देना : युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए कौशल और प्रोत्साहन प्रदान करना। इसके तहत प्रखंड स्तर पर युवाओं को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था होगी।

ग्रामीण क्षेत्रों का सशक्तीकरण : बिहार कौशल विकास मिशन द्वारा विभिन्न विभागों के सहयोग से ग्रामीण कारीगरों और युवाओं को नए कौशल और तकनीक सिखाकर उनकी आय बढ़ाने को प्राथमिकता दी जाएगी।

नई तकनीक से युवाओं को जोड़ना : सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के लिए नई तकनीकी से जोड़ने और प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जाएगा। कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से बेरोजगारी की दर को कम करना और उन्हें बेहतर आजीविका प्रदान करना भी प्रमुख लक्ष्य है।