Sarkari Naukri: क्या आपके पास है ये डिग्री? अकाउंटेंट और IT सहायक के हजारों पदों पर निकलने वाली है बंपर वैकेंसी; देखें पूरी डिटेल
बिहार सरकार त्रिस्तरीय ग्राम पंचायतों में अकाउंटेंट सह आईटी सहायक के 7329 पदों पर जल्द नियुक्ति की जाएगी। इससे ग्राम पंचायत पंचायत समिति और जिला परिषद के दस्तावेजों का सही प्रकार से रख रखाव होगा। एजेंसी बीकॉम एमकॉम सीए इंटर जैसे डिग्रीधारी 6391 लोगों की नियुक्ति ग्राम पचंयातों में करेगी। इसी प्रकार के डिग्रीधारी 533 अभ्यर्थियों को हर पंचायत समिति में प्रखंड स्तर पर नियुक्ति की जाएगी।

राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Government Jobs 2023 सरकार त्रिस्तरीय ग्राम पंचायतों में खर्च का हिसाब रखने एवं उसकी मॉनिटरिंग को लेकर 7329 पदों पर नियुक्ति की तैयारी कर रही है। पंचायत राज विभाग द्वारा लेखापाल सह आईटी सहायक की नियुक्ति हर पंचायत में एक एक और प्रखंड स्तर पर एक-एक के साथ ही हर जिले में दो-दो लेखापाल सह आईटी सहायकों की नियुक्ति करेगा।
इन सभी पदों पर ग्राम स्वराज योजना सोसाइटी के माध्यम से मानव संसाधन आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से ली जाएगी। विभाग ने एजेंसियों से आवेदन मांगा है। विभाग की ओर से पहले से 2096 पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति की सहमति दे दी है। ऐसे में राज्य में कुल 8666 लेखापाल सह आईटी सहायक काम करेंगे।
इससे ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के दस्तावेजों का सही प्रकार से रख रखाव होगा। एजेंसी बीकॉम, एमकॉम, सीए इंटर जैसे डिग्रीधारी 6391 लोगों की नियुक्ति ग्राम पचंयातों में करेगी।
इसी प्रकार के डिग्रीधारी 533 अभ्यर्थियों को हर पंचायत समिति में प्रखंड स्तर पर नियुक्ति की जाएगी। हर जिला परिषद में दो-दो लेखापाल सह आईटी सहायकों की नियुक्ति की होगी। इसमें 76 लोगों को नियुक्त किया जाएगा।
पंचायती राज विभाग की योजनाएं
पंचायती राज विभाग सात निश्चय योजना के तहत मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल, मुख्यमंत्री गली नाली पक्कीकरण योजना, पंचायत सरकार भवनों का निर्माण, सोलर स्ट्रीट लाइट की योजना, जल जीवन हरियाली मिशन के तहत कुओं का जीर्णोद्धार और ठोस और तरल कचरा का प्रबंधन की योजनाओं को चलाया जा रहा है।
पंचायतों में क्रियान्वित योजनाओं का समय पर दक्षता आधारित लेखाओं का रख रखाव और ऑडिट कार्य कराया जाना है। ग्राम पंचायत को 15वें वित्त आयोग, छठे राज्य वित्त आयोग और राज्य योजना मद से बड़ी राशि उपलब्ध कराई जाती है। पंचायत सचिवों के पास जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र, अनुग्रह अनुदान, मनरेगा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और सूचना का अधिकार जैसे कार्य रहने के कारण लेखांकन और आडिट का काम समय पर नहीं होता है।
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