Bihar News: वामिस का मिला साथ, अब और हाईटेक होगा बिहार का जल संसाधन विभाग
वामिस (वर्क्स एकाउंट्स मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम) नामक इस प्रणाली के सफल कार्यान्वयन के उद्देश्य से सभी क्षत्रिय अभियंताओं एवं कर्मियों को प्रशिक्षित करने के लिए सोमवार तीन दिनों का प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा। विभिन्न सत्रों में विभाग के सभी प्रक्षेत्र के इंजीनियरों एवं कर्मी वीडियो कांन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे।

राज्य ब्यूरो, पटना : जल संसाधन विभाग ने पहली जुलाई से विभागीय कार्यों और खाता के प्रबंधन के लिए एक नई सूचना प्रणाली को अपनाने का फैसला किया है। वामिस (वर्क्स एकाउंट्स मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम) नामक इस प्रणाली के सफल कार्यान्वयन के उद्देश्य से सभी क्षत्रिय अभियंताओं एवं कर्मियों को प्रशिक्षित करने के लिए सोमवार तीन दिनों का प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसके विभिन्न सत्रों में विभाग के सभी प्रक्षेत्र के इंजीनियरों एवं कर्मी वीडियो कांन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे।
विभाग ने वामिस साफ्टवेयर के साथ-साथ वामिस ऐप भी तैयार किया है, जिसमें जल संसाधन विभाग के राज्यभर के अधिकारी अपने क्षेत्र की योजनाओं से संबंधित रियल टाइम अपडेट्स अपलोड करेंगे। अधिकारी विभिन्न योजनाओं के स्थल निरीक्षण के दौरान कार्य स्थल से ही प्रोजेक्ट के संबंध में जरूरी सूचनाओं, जैसे- कार्य की अद्यतन प्रगति, मशीन और श्रमबल की उपलब्धता, जियो टैग्ड फोटो इत्यादि को भी इस ऐप पर अपलोड करेंगे।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से 20 जून को सुबह के सत्र में बाढ़ नियत्रंण एवं जल निस्सरण मुजफ्फरपुर एवं समस्तीपुर जोन, दोपहर बाद के सत्र में कटिहार और गोपालगंज जोन, 21 जून को सुबह के सत्र में यांत्रिक, पटना, समग्र अन्वेषण एवं योजना आयोजन, पटना तथा केंद्रीय रूपांकन, शोध एवं गुण नियंत्रण, पटना जबकि दोपहर बाद के सत्र में सिंचाई सृजन डिहरी, औरंगाबाद व गया, और 22 जून के सुबह के सत्र में सिंचाई सृजन बिहारशरीफ, भागलपुर, सहरसा और दोपहर बाद के सत्र में दरभंगा, सिवान एवं मोतिहारी के क्षेत्रीय कर्मियों एवं अभियंताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि वामिस एक नया साफ्टवेयर है, जो प्रोजेक्ट विशेष के कार्य की प्रगति संबंधी जानकारियों को उसकी शुरुआत से लेकर समापन तक कवर करता है। इसमें प्रशासनिक अनुमोदन, तकनीकी बारीकियां, ई-माप बुक (ईएमबी), बिलिंग, सर्वेक्षण, स्थल निरीक्षण इत्यादि से संबंधित सूचनाओं के संग्रहण के लिए मोबाइल एप्लिकेशन को भी शामिल किया गया है। यह नई सूचना प्रणाली न केवल व्यापक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (सीएफएमएस) का पूरक होगी, बल्कि परियोजनाओं के प्रभावी प्रबंधन और निगरानी में भी सहायक होगी।
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