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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Waqf Bill 2025: वक्फ बिल के समर्थन के बाद JDU को लगा एक और झटका, इस दिग्गज नेता ने छोड़ी पार्टी

Published: Fri, 04 Apr 2025 10:30 AM (IST)

जेडीयू द्वारा वक्फ संशोधन विधेयक को समर्थन देने के बाद मुस्लिम नेताओं का पार्टी छोड़ने का सिलसिला जारी है। मोहम्मद ...और पढ़ें

दो मुस्लिम नेताओं ने JDU से दिया इस्तीफा
दो मुस्लिम नेताओं ने JDU से दिया इस्तीफा

HighLights

  1. वक्फ बिल पर जेडीयू के रुख को लेकर दो मुस्लिम नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दिया
  2. जेडीयू के अल्पसंख्यक राज्य सचिव मोहम्मद शाहनवाज मलिक ने छोड़ी पार्टी

एएनआई, पटना। विपक्ष के विरोध के बीच वक्फ संशोधन बिल लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पारित हो गया है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा। वहीं, वक्फ संसोधन बिल को राज्यसभा में मंजूरी मिलते ही जेडीयू के दो मुस्लिम नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।

जेडीयू द्वारा वक्फ संशोधन विधेयक को समर्थन देने के बाद मुस्लिम नेताओं ने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है।

CM नीतीश को पत्र लिखकर दिया इस्तीफा

जेडीयू के अल्पसंख्यक राज्य सचिव मोहम्मद शाहनवाज मलिक ने शुक्रवार को पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार को संबोधित एक पत्र के माध्यम से अपने इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश कुमार ने मुसलमानों का सारा विश्वास खो दिया है, जो मानते थे कि पार्टी धर्मनिरपेक्ष है।

जेडीयू पर विश्वास तोड़ने का आरोप

पत्र में मलिक ने लिखा कि 'हमारे जैसे लाखों भारतीय मुसलमानों का दृढ़ विश्वास था कि आप पूरी तरह से धर्मनिरपेक्ष विचारधारा के ध्वजवाहक हैं, लेकिन अब यह विश्वास टूट गया है।'

मोहम्मद शाहनवाज मलिक ने कहा कि जिस तरह से जेडीयू सांसद ललन सिंह ने लोकसभा में बिल का समर्थन किया है, उससे मुसलमानों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। इसक साथ ही मलिक ने अपने पत्र में ललन सिंह द्वारा बिल के समर्थन में दिए गए भाषण का भी जिक्र किया।

विधेयक के जरिए मुसलमानों को बदनाम किया जा रहा: मलिक

मलिक ने कहा कि यह विधेयक संविधान के कई मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। इस विधेयक के जरिए भारतीय मुसलमानों को अपमानित और बदनाम किया जा रहा है।

मलिक ने पार्टी के साथ अपने लंबे सफर पर जताया दुख

मोहम्मद शाहनवाज मलिक ने लंबे समय तक जेडीयू में रहने पर भी दुख जताया। उन्होंने कहा कि मुझे खेद है कि मैंने अपने जीवन के कई साल पार्टी को दिए।

उन्होंने घोषणा की कि वह जेडीयू की प्राथमिक सदस्यता और अन्य सभी जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे रहे हैं। इस्तीफे की एक प्रति जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद अशरफ अंसारी को भी भेजी गई है।

मोहम्मद कासिम अंसारी ने दिया इस्तीफा

इससे पहले, मोहम्मद कासिम अंसारी ने भी जनता दल (यूनाइटेड) की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, क्योंकि पार्टी ने लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को पारित करने का समर्थन किया था।

बिहार के मुख्यमंत्री और जेडी(यू) प्रमुख नीतीश कुमार को लिखे अपने इस्तीफे में अंसारी ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक पर पार्टी के रुख ने लाखों मुसलमानों को गहरी ठेस पहुंचाई है।

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