आरा, जागरण संवाददाता। बिहार में लाल बालू के काले धंधे में अब लाल खून भी खूब बहने लगा है। खासकर भोजपुर, रोहतास और सारण में बालू धंधेबाजों की तकरार जानलेवा होने लगी है। इसकी बानगी शुक्रवार को भोजपुर (आरा) जिले में देखने को मिली थी। यहां कोईलवर थाना के राजापुर- कमालू चक के दियारा क्षेत्र में अवैध बालू खनन व घाट के रास्ते को लेकर उपजे विवाद में शुक्रवार की शाम दो गुटों के बीच भिड़ंत हो गई। इस दौरान जमकर गोलियां भी चलीं। गोली लगने से दो लोगों की मौत तक हो गई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो वायरल हो रहा है।

मरने वालों में एक शख्‍स यूपी के महाराजगंज का

भोजपुर में मारे गए दोनों लोगों की उम्र करीब 45 से 50 वर्ष के आसपास बताई जा रही है। मृतकों में उत्तर प्रदेश के महाराजगंज थाना क्षेत्र के बेलभरिया गांव निवासी खेदु के 34 वर्षीय पुत्र दुर्गेश भी शामिल हैं। वर्तमान में वह नवादा थाना क्षेत्र के जज कोठी स्थित मणिपुरम फाइनेंस में क्लर्क के रूप में कार्यरत थे। दूसरे मृतक मूल रूप से पटना जिला के नौबतपुर थाना क्षेत्र के नौबतपुर निवासी जगपति नारायण शर्मा के 40 वर्षीय पुत्र संजीत कुमार हैं। वह वर्तमान में नवादा थाना क्षेत्र के रामनगर चंदवा हाउसिंग मोहल्ले में रहते थे। वह पेशे से मुंशी थे। इस दौरान एएसपी हिमांशु कुमार ने भी घटनास्थल पर पहुंच कर पूरी घटना की जानकारी ली।

अवैध खनन के लिए हुई थी गोलीबारी

एसपी विनय तिवारी ने बताया कि शुरुआती जांच में अवैध खनन को लेकर गोलीबारी होने की बात सामने आ रही है। फायरिंग में संलिप्त धंधेबाजों को चिह्नित किया जा रहा है। दोनों मृतक एक ही गुट के बताए जाते हैं। घटना शाम चार बजे की है। घटनास्थल से रायफल व बंदूक के करीब छह खोखे मिले हैं। कोईलवर के मानाचक -कमालुचक दियारा इलाके में अवैध बालू उत्खनन को लेकर दो गुटों सतेंद्र पांडेय व विदेशी राय गुट के बीच लंबे समय से विवाद चला रहा है। हालांकि, वर्तमान में सतेंद्र पांडेय जेल में बंद है। इस बीच शुक्रवार की शाम अवैध खनन को लेकर दो गुटों के बीच भिड़ंत हो गई।

अब तक दो दर्जन लोगों की जा चुकी जान

भोजपुर जिले के कोईलवर थाना क्षेत्र के मानाचक,-कमालुचक के दियारा इलाके में लंबे समय से सुनहरे बालू का काला खेल चलते आ रहा है। इसमें अब तक दो दर्जन से अधिक लोगों की जानें जा चुकी है। शुक्रवार को कमालुचक घाट के समीप अवैध बालू खनन को लेकर सरेशाम घटित गोलीबारी और दो लोगों की गोली मारे जाने की घटना इसी की कड़ी मानी जा रही है।

बड़े अफसर भी इनके सामने फेल

भोजपुर जिले में करीब दर्जन भर ऐसे सक्रिय गिरोह हैं, जो पुलिस प्रशासन को समय-समय पर चुनौती देते रहे हैं। दुस्साहस का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एफआइआर और गिरफ्तारी के बावजूद इस पर आज तक पूर्ण अंकुश नहीं लग सका है। बड़े-बड़े अधिकारी फेल हो चुके हैं। अगर चर्चाओं को सच मानें तो इस गैंग को समय-समय पर राजनीतिक रूप से सफेदपोशों का भी संरक्षण मिलता रहा है। कहीं संरक्षण तो कहीं बंदूक के बल पर बालू से नोट छापने का खेल चलता है। नतीजतन ऐसे गिरोह के मनोबल में आज तक कमी नहीं आई है।

नए एसपी ने कई धंधेबाजों को भेजा जेल

भोजपुर एसपी विनय तिवारी के नेतृत्व में पुलिस ने धंधे पर रोक लगाने के लिए सत्येंद्र पांडेय,बली सिंह समेत विदेशी राय के भाइयों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा है। बावजूद, शुक्रवार को अवैध खनन के खेल में दो की जानें चली गई। इसके बाद एक बार फिरमामला गरमा गया है। दो गुटों में तनाव गहरा गया है ।

भाई से लेकर बेटे तक रहे धंधे में संलिप्त

अवैध बालू के धंधे म़ें सक्रिय गैंग के मुख्य संचालक के अलावा भाई से लेकर बेटा तक सक्रिय रहे हैं। कोईवलर के महादेव सेमरिया के विदेशी राय अवैध खनन के क्षेत्र में बड़ा नाम पुलिस रिकार्ड में दर्ज है। पुलिस के रिकार्ड में विदेशी राय के अलावा उसके भाई अखिलेश राय समेत अन्य दागी रहे हैं। समय -समय पर गिरफ्तारी भी हुई है। इसी तरह बड़हरा के फरना निवासी शंकर सिंह उर्फ फौजिया के मारे जाने के बाद उसके दो बेटे नीरज व अभिमन्यु पुलिस रिकार्ड में दागी रहे हैं। पटना के गोरेया स्थान मनेर, पटना के सिपाही गैंग भी इस धंधे में बड़ा नाम है। पटना पुलिस के रिकार्ड में उदय शंकर उर्फ सिपाही के अलावा उसके बेटे अनिल राय समेत अन्य दागी रहे हैं।

बालू से करोड़ों रुपए बनाए पर आज तक नहीं हुई संपत्ति की जांच

अवैध बालू के धंधे में कईयों ने करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाई है। लेकिन, धंधे में दागी माफियाओं की आज तक संपत्ति की जांच नहीं हुई है। जबकि, पुलिस रिकार्ड ऐसे धंधेबाजों की बड़हरा, कोईवलर, चांदी, संदेश व सहार थाना तक लंबी फेरहिस्त है। बावजूद अभी तक किसी भी माफिया की संपत्ति जांच का प्रस्ताव आर्थिक अपराध इकाई को नहीं भेजा गया है। जबकि, अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति को जब्त करने का आदेश पहले से ही जारी है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आज तक यह कदम क्यों नहीं उठाए गए। इसे लेकर कई मायने निकाले जा रहे है।

रैयती जमीन से भी जबरन बालू खनन का चलता है खेल

बड़हरा से कोईलवर तक सोन के दियारे में धंधेबाजों के खौफ का आलम यह है कि आग्नेयास्त्रों के बल पर रैयती जमीन से जबरन बालू काट बेचा जा रहा है, तो कहीं बालू के धंधे में लगे ट्रैक्टर फोर लेन पर बसे गांवों के लोगों का जीना हराम कर दिया है। स्थानीय ग्रामीणों की लाख शिकायत पर भी स्थानीय प्रशासन सुधि नहीं लेता। लगातार धंधेबाजों की पुलिसिया मिलीभगत की शिकायत पर पूर्व में बड़हरा व कोईलवर दियारे में एसपी को ही खुद उतरना पड़ा था। बड़हरा से लेकर कोईलवर तक के कई घाटों पर पुलिस का डंडा चला था। दियारे में चल रहे कई पोकलेन मशीनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।

Edited By: Shubh Narayan Pathak

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट