21 नवंबर तक नई सरकार बनेगी... BJP विधायक दल की बैठक कल, नेतृत्व चयन के लिए दिल्ली से आएंगे पर्यवेक्षक
बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज़ हो गई है। भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि 21 ...और पढ़ें

HighLights
21 नवंबर तक नई सरकार का गठन
भाजपा विधायक दल की अहम बैठक कल
दिल्ली से पर्यवेक्षक करेंगे मार्गदर्शन
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार की राजनीति में नए सत्ता समीकरण के बीच सरकार गठन की प्रक्रिया तेज़ हो गई है। इसी क्रम में बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने मंगलवार को स्पष्ट कर दिया कि भाजपा 21 नवंबर तक नई सरकार के गठन की पूरी प्रक्रिया पूरी कर लेगी। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह 10 बजे पटना स्थित भाजपा के अटल सभागार में भाजपा विधायक दल की अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें पार्टी अपने विधायक दल के नेता का चुनाव करेगी।
जायसवाल ने कहा कि इस बैठक में केंद्र से पर्यवेक्षक भी पटना पहुंचेंगे, जो नेतृत्व चयन की प्रक्रिया का मार्गदर्शन करेंगे। भाजपा अध्यक्ष के बयान के बाद यह तय माना जा रहा है कि पार्टी अब सरकार गठन को लेकर किसी तरह की देरी नहीं चाहती और तेज़ी से अंतिम रूप देने की तैयारी कर चुकी है।
भाजपा के भीतर यह चर्चा जोरों पर है कि विधायक दल की इस बैठक में ही मुख्यमंत्री पद के दावेदार का नाम तय हो जाएगा। हालांकि पार्टी की ओर से अब तक किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन भाजपा सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय पर्यवेक्षक नेतृत्व चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
दिलीप जायसवाल ने कहा कि भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद NDA घटक दलों की साझा बैठक भी आयोजित होगी, जिसमें मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल के अन्य पदों पर अंतिम सहमति बनने की संभावना है। उन्होंने बताया, “विधायक दल अपना नेता चुनेगा। पर्यवेक्षक मौजूद रहेंगे। इसके बाद NDA की बैठक होगी और सरकार गठन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। हमारा प्रयास है कि 21 तारीख तक सब काम पूरा हो जाए।”
बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम ने भाजपा को बड़ी बढ़त दी है और पार्टी राज्य की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति बनकर उभरी है। ऐसे में अगला मुख्यमंत्री भाजपा से होगा, यह लगभग तय माना जा रहा है। बिहार में भाजपा लंबे समय से सहयोगी दलों के साथ सत्ता में रही, लेकिन इस बार वह अपने दम पर सत्ता के केंद्र में है, और इसी कारण नेतृत्व चयन पर पूरे राज्य की नज़रें टिकी हैं।
राजनीति के जानकारों का कहना है कि भाजपा नेतृत्व चयन में ऐसा चेहरा सामने लाएगी जो पार्टी की नई रणनीति, संगठनात्मक ढांचे और भविष्य की राजनीतिक दिशा को मजबूत कर सके। इसके साथ ही गठबंधन की स्थिरता और समन्वय सुनिश्चित करना भी भाजपा के लिए प्राथमिकता होगी।
अब सभी की निगाहें बुधवार की विधायक दल की बैठक पर टिकी हैं, जहां यह तय हो जाएगा कि बिहार की बागडोर किसके हाथ में जाएगी और भाजपा किस नेता को राज्य का नया चेहरा बनाएगी।
