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    पूर्व जदयू नेता प्रशांत किशोर के घर की चारदीवारी तोड़ी, आसपास के लोगों के एतराज के बाद प्रशासन ने चलाया बुलडोजर

    By Akshay PandeyEdited By:
    Updated: Sat, 13 Feb 2021 09:36 AM (IST)

    बक्सर में जदयू के पूर्व नेता प्रशांत किशोर के घर की चारदिवारी को तोड़ा गया। हालांकि वहां तक अभी सड़क निर्माण का कार्य नहीं पहुंचा था लेकिन वहां मौजूद लोगों कार कहना था कि रसूखदारों के मकान तोड़ने में नरमी बरती जाती है।

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    प्रशासन की कार्रवाई के बाद मलबा व प्रशांत किशोर। जागरण

    जासं, बक्सर: एनएच के निर्माण में आड़े आ रही जदयू के पूर्व नेता प्रशांत किशोर के घर की चारदिवारी को भी शुक्रवार को तोड़ा गया। हालांकि, वहां तक अभी सड़क निर्माण का कार्य नहीं पहुंचा था, लेकिन वहां मौजूद लोगों कार कहना था कि रसूखदारों के मकान तोड़ने में नरमी बरती जाती है। ऐसे में पहले प्रशांत किशोर की अधिग्रहीत भूमि से ढांचा हटेगा तभी वे लोग दूसरा स्थान हटाने देंगे। इसके बाद दोनों काम एक साथ प्रारंभ किया गया। 

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    एक अधिकारी ने बताया कि प्रशांत किशोर के घर की चहारदिवारी और अंदर का कुछ हिस्से का ही एनएच के लिए अधिग्रहण हुआ है, इसका मुआवजा भी बनकर तैयार है। प्रशांत किशोर के पिता डॉ. श्रीकांत पांडेय बक्सर के प्रसिद्ध चिकित्सक थे और उन्होंने इस मकान को बनाया था। पिछले साल डॉ. पांडेय का निधन हो गया था, फिलहाल इस घर में परिवार के कोई सदस्य नहीं रहते हैं। 

    लोगों को समझाकर हटाया गया ढांचा

    इस साल के अंत तक बक्सर-पटना राष्ट्रीय राजमार्ग-84 का काम पूरा कर लिया जाना है और इसके लिए निर्माण में आने वाले हर अवरोध को हटाया जा रहा है। शुक्रवार को प्रशासन की एक टीम चुरामनपुर के समीप स्थित यशोदाब्रह्म स्थान को हटाने पहुंची, जहां उन्हें कुछ लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति खराब होते देख मौके पर मौजूद अधिकारियों ने डीएम अमन समीर को सूचना दी और अनुमंडलाधिकारी केके उपाध्याय वहां भेजे गए। इसके बाद लोगों को समझाकर ब्रह्म बाबा को वहां से स्थानांतरित किया गया और ढांचा को हटाया गया। इस दौरान वहां स्थित पूर्व जदयू नेता प्रशांत किशोर के मकान की बाउंड्री को भी ढहाया गया। एसडीएम उपाध्याय ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-84 के चौड़ीकरण के दौरान भूमि अधिग्रहण के क्रम में दोनों किनारे पर बने मकान तथा धार्मिक स्थलों को हटाया जा रहा है। इस दौरान जहां भवन व भू स्वामियों को मुआवजा प्रदान किया जा रहा है वहीं, धार्मिक स्थलों को वहां से हटाकर अन्यत्र पुनस्र्थापित किया जा रहा है।