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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिहार विधानसभा चुनाव में वोटरों को नहीं लगनी पड़ेगी लंबी लाइन! चुनाव आयोग ने किया कमाल

By Raman Shukla Edited By: Rajesh Kumar
Published: Sun, 20 Jul 2025 12:05 PM (IST)Updated: Sun, 20 Jul 2025 12:37 PM (IST)

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदान केंद्रों का पुनर्गठन ...और पढ़ें

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदान केंद्रों का पुनर्गठन पूरा हो गया है। फाइल फोटो
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदान केंद्रों का पुनर्गठन पूरा हो गया है। फाइल फोटो

HighLights

  1. 12,817 नए मतदान केंद्र स्थापित |
  2. मतदान केंद्रों का पुनर्गठन पूरा |
  3. 2025 चुनाव से पहले तैयारी |

राज्य ब्यूरो, पटना। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर एक जुलाई 2025 के आधार पर चलाए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के क्रम में प्रति मतदान केंद्र अधिकतम 1200 मतदाताओं के निर्धारित मानक के अनुरूप बिहार में मतदान केंद्रों के युक्तिकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

इस प्रक्रिया के तहत सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों द्वारा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सुझाव प्राप्त किए गए थे। इन सुझावों के आधार पर मतदान केंद्रों के पुनर्गठन का प्रस्ताव तैयार कर भारत निर्वाचन आयोग को भेजा गया था, जिसे आयोग ने स्वीकृत कर सूचित कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि युक्तिकरण से पूर्व राज्य में कुल 77,895 मतदान केंद्र थे। आयोग से प्राप्त अनुमोदन के बाद 12,817 नए मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिससे अब बिहार में कुल मतदान केंद्रों की संख्या 90,712 हो गई है। इनमें से 12,479 मतदान केंद्र मतदाताओं की सुविधा के लिए उसी भवन या परिसर में बनाए गए हैं, जबकि केवल 338 मतदान केंद्रों को पास के परिसर में स्थानांतरित किया गया है।

शनिवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ हुई बैठक के दौरान नवनिर्मित मतदान केंद्रों की जिलावार संख्यात्मक सूची साझा की गई।

इसके अलावा, सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इन नए मतदान केंद्रों की जानकारी सभी राजनीतिक दलों और संबंधित हितधारकों को अविलंब उपलब्ध कराएं। साथ ही इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी सुनिश्चित करें, ताकि हर मतदाता तक यह जानकारी समय पर पहुँच सके।