बिहार को इस मामले में नंबर वन बनाने की तैयारी, नीतीश सरकार इस तारीख को लॉन्च करेगी पोर्टल
बिहार सरकार ने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) नीति-2025 जारी की है जिसका उद्देश्य बिहार को सीएसआर निधि उपयोग में अग्रणी बनाना है। इसके लिए जुलाई तक सीएसआर पोर्टल लॉन्च होगा जिससे कंपनियां आसानी से सीएसआर मद खर्च कर सकेंगी। नीति अगले पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगी और कंपनियों को बिहार के विकास में सक्रिय योगदान के लिए प्रोत्साहित करेगी। एक शासी निकाय और कार्यकारी समिति भी गठित की जाएगी।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार राज्य कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) नीति-2025 तैयार हो गई है। शुक्रवार को वित्त विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर ने इसका संकल्प जारी किया। बताया कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य बिहार को सीएसआर निधियों के उपयोग में अग्रणी राज्यों में से एक बनाना है। इससे राज्य के सतत और समावेशी विकास में योगदान देना संभव हो सकेगा।
विकसित बिहार-2047 के संकल्प में यह बेहतर योगदान होगा। इस नीति के तहत जुलाई के अंत तक सीएसआर पोर्टल लॉन्च कर दिया जाएगा। इसके जरिए कंपनियों के पास सीएसआर मद की राशि खर्च करने की सुविधाजनक व्यवस्था होगी। साथ ही, खर्च की गई राशि सरकार की जानकारी में रहेगी। वर्तमान में, कॉर्पोरेट घराने बिहार में सीएसआर मद में मामूली राशि खर्च कर रहे हैं।
आनंद किशोर ने कहा कि सीएसआर नीति अगले पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगी। इसका उद्देश्य कंपनियों को सीएसआर पहलों के माध्यम से बिहार के सामाजिक और आर्थिक विकास में सक्रिय योगदान के लिए प्रोत्साहित करना है।
साथ ही, सीएसआर के माध्यम से रणनीतिक निवेश में कंपनियों को सुविधा प्रदान करने के लिए एक रूपरेखा विकसित की जानी है। सीएसआर पोर्टल इसका एक महत्वपूर्ण घटक होगा। इस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन एवं निगरानी हेतु एक शासी निकाय (बिहार सीएसआर सोसाइटी) का गठन किया जाएगा। इसकी एक कार्यकारी समिति भी होगी।
- सीएसआर सोसाइटी: मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली इस सोसाइटी के उपाध्यक्ष विकास आयुक्त होंगे। सदस्य सचिव वित्त विभाग के प्रधान सचिव होंगे। 22 विभागों के उच्च पदस्थ अधिकारी इसके सदस्य होंगे।
- कार्यकारी समिति: वित्त विभाग के प्रधान सचिव इसके अध्यक्ष होंगे। शासी निकाय के कुछ अधिकारी इसके सदस्य होंगे। ये अधिकारी कम से कम संयुक्त सचिव स्तर के होने चाहिए।
- सीएसआर निधि का दाता: कंपनी अधिनियम के अनुसार, 500 करोड़ रुपये या उससे अधिक वार्षिक निवल मूल्य या 1000 करोड़ रुपये या उससे अधिक वार्षिक कारोबार या 5 करोड़ रुपये या उससे अधिक शुद्ध वार्षिक लाभ वाली कंपनी को अनिवार्य रूप से सीएसआर पर खर्च करना होगा। उन्हें पिछले तीन वित्तीय वर्षों के औसत शुद्ध लाभ का कम से कम दो प्रतिशत सीएसआर पर खर्च करना होगा।
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