बिहार में बाढ़ पर एक्शन में CM सम्राट: जल्द मांगी नुकसान की रिपोर्ट, 12 अक्टूबर को बंटेगी राहत राशि
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ की स्थिति और क्षति की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास कार्य तेजी से हो सकें।

बिहार में बाढ़ पर एक्शन में CM सम्राट: जल्द मांगी नुकसान की रिपोर्ट, 12 अक्टूबर को बंटेगी राहत राशि
HighLights
मुख्यमंत्री ने बाढ़ क्षति की विस्तृत रिपोर्ट मांगी, राहत कार्य तेज होंगे।
द्वितीय चरण के बाढ़ पीड़ितों को 12 अक्टूबर को मिलेगी राहत राशि।
बिहार में गाद नीति बनी, छह तटबंध क्षतिग्रस्त हुए थे।
राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संबंधित अधिकारियों से बाढ़ की वस्तुस्थिति व क्षति की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मंगलवार को लोक सेवक आवास स्थित "संकल्प" सभागार में उन्होंने उन्होंने बाढ़ के संदर्भ में समीक्षा बैठक की।
सीएम ने कहा कि बाढ़ से क्षति की रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास तथा आवश्यक विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि द्वितीय चरण में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के बीच 12 अक्टूबर को अनुग्रहिक राहत राशि वितरित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ का एक प्रमुख कारण नदी तल में गाद का जमा होना है। बिहार देश का पहला राज्य है, जिसने गाद नीति बनाई है। बहरहाल, आपदा प्रबंधन विभाग सभी संबंधित विभागों से बाढ़ से हुई क्षति और उसके पुनर्स्थापन में होने वाले व्यय का आकलन करे। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से जलनिकासी के पश्चात संभावित परेशानियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्था की जाए।
बैठक में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी व बिजेन्द्र प्रसाद यादव, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत आदि उपस्थित रहे।
छह जगह टूटे तटबंध:
जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बिहार में दो चरणों में आई बाढ़ के कारणों तथा उत्पन्न स्थिति की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में गंगा, सोन, घाघरा, कोसी एवं पुनपुन नदियों में पूर्व के उच्चतम जल-स्तर की तुलना में नया रिकॉर्ड दर्ज हुआ। दूसरे चरण में अत्यधिक वर्षा के कारण गंडक नदी में चार स्थलों पर उच्चतम जल-स्तर रहा।
पश्चिम चंपारण, गोपालगंज और सारण जिले में छह स्थलों पर तटबंध क्षतिग्रस्त हुए थे। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने राहत-बचाव कार्यों की जानकारी दी।
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