पटना, आनलाइन डेस्‍क। Janta Darbar of Bihar CM Nitish Kumar: मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के जनता दरबार में ऐसी शिकायतें आईं, जिसे सुनकर खुद सीएम भी हैरान रह गए। एक शख्‍स ने मुख्‍यमंत्री से कहा कि राज्‍य में जबर्दस्‍ती (दबंगई) खूब चलने लगी है। कुछ लोगों ने पुल बनाने के लिए उसका घर और दुकान तोड़ दिया। इस पर सीएम ने अधिकारी को फोन लगाकर तुरंत एक्‍शन लेने को कहा। एक शख्‍स ने बताया कि उसकी जमीन पर सड़क बना दी गई है, लेकिन मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। जाेगबनी का एक शख्‍स नाली और गली की शिकायत लेकर मुख्‍यमंत्री से मिला। उसने बताया कि मस्‍ज‍िद तक जाने के लिए उनके पास रास्‍ता नहीं है। गांव के किसी शख्‍स ने जमीन कब्‍जा कर रास्‍ता बंद कर दिया है।

सभी जिलों से शिकायतें लेकर पहुंचे हैं लोग

जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्‍य के अलग-अलग जिलों से आए लोगों की समस्‍याएं सुन रहे हैं। इसके लिए पहले से लोगों ने रजिस्‍ट्रेशन करा रखा है। हर सोमवार को मुख्‍यमंत्री करीब 150 लोगों की शिकायतें उनसे व्‍यक्तिगत रूप से मिलकर सुनते हैं। मुख्‍यमंत्री से मिलने के लिए लोगों का पटना पहुंचना सुबह से ही शुरू हो गया था। मुख्‍यमंत्री आम तौर पर सुबह 10 बजे से लोगों से रूबरू होना शुरू करते हैं। यह सिलसिला दोपहर बाद हर फरियादी से मिल लेने तक जारी रहता है। आपको बता दें कि जनता दरबार में मुख्‍यमंत्री से अपनी शिकायत बताने के लिए आनलाइन रजिस्‍ट्रेशन कराना जरूरी है। रजिस्‍ट्रेशन के बाद अप्‍वाइंटमेंट मिलने पर ही आप मुख्‍यमंत्री से मिल सकते हैं। सीधे जनता दरबार में चले आने वालों को प्रवेश नहीं दिया जाता है।

यहां जान लें रजिस्‍ट्रेशन की प्रक्रिया

जनता दरबार में मुख्‍यमंत्री से मिलने के लिए आपको वेबसाइट https://www.jkdmm.bih.nic.in/Jantadarbar/ComplainRegistration.aspx# पर रजिस्‍ट्रेशन कराना पड़ता है। रजिस्‍ट्रेशन के वक्‍त आपको अपना नाम, पिता/पति का नाम, आधार नंबर, लिंग, जन्‍म का वर्ष, ईमेल और मोबाइल नंबर जैसी जानकारियां देनी होती हैं। इसके अलावा ओटीपी के जरिए रजिस्‍ट्रेशन पूरा होने के बाद आपको अपनी शिकायत के बारे में भी संक्षिप्‍त रूप से जानकारी देनी होती है। फिलहाल कोविड गाइडलाइन के कारण जनता दरबार में एक बार सीमित लोगों को ही बुलाया जाता है।

आज इन विभागों की शिकायतें सुनेंगे मुख्‍यमंत्री

मुख्यमंत्री जिन विभागों की समस्याएं सुनेंगे उनमें ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य, पंचायती राज, ऊर्जा, पथ निर्माण, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, कृषि, सहकारिता, पशु एवं मत्स्य संसाधन, जल संसाधन, लघु जल संसाधन, उद्योग, गन्ना उद्योग, नगर विकास एवं आवास, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, परिवहन, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, योजना एवं विकास, पर्यटन, भवन निर्माण, सूचना एवं जनसंपर्क, वाणिज्यकर एवं सामान्य प्रशासन विभाग शामिल हैं।