बिहार की धरती उगलेगी अकूत दौलत! रोहतास और गया के खनिज ब्लॉकों से शुरू होने जा रहा खनन, सरकार का बड़ा फैसला
बिहार का खान एवं भूतत्व विभाग राज्य की खनिज संपदा से राजस्व और रोजगार बढ़ाने के लिए तेजी से काम कर रहा है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
खनिज संपदा से राजस्व और रोजगार बढ़ाने पर जोर।
नीलाम ब्लॉकों से उत्पादन शुरू कराने के निर्देश दिए।
रोहतास और गया के खनिज ब्लॉकों की समीक्षा हुई।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार की खनिज संपदा को राजस्व और रोजगार का बड़ा जरिया बनाने के लिए खान एवं भूतत्व विभाग ने कवायद तेज कर दी है।
खनिजों के वैज्ञानिक अन्वेषण से लेकर जो खनिज ब्लाक पहले से नीलाम हो चुके उनसे उत्पादन शुरू कराने पर विभाग का जोर है।
सोमवार को खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में रोहतास और गया के प्रमुख खनिज ब्लॉकों की प्रगति की समीक्षा की गई।
नीलाम ब्लॉक से शुरू हो उत्पादन
बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो खनिज ब्लॉक नीलाम हो चुके हैं वहां से उत्पादन शुरू कराने के लिए जरूरी वैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएं। केवल नीलामी पर्याप्त नहीं है।
वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब खनिजों का उत्पादन और प्रेषण शुरू होगा। साथ ही राज्य में निवेश, रोजगार एवं राजस्व के नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं होगी। विभाग के अनुसार बैठक में रोहतास जिले के पिपराडीह-भुरवा और चुटिया-नौहट्टा ग्लूकोनाइट ब्लॉक के साथ भोरा-कथरा लाइमस्टोन ब्लाक की स्थिति की समीक्षा की गई।
वहीं, गया जिले के गेंजाना निकेल-क्रोमियम एवं पीजीई ब्लाक में उत्पादन और खनिजों के प्रेषण की प्रगति पर भी चर्चा हुई।
पत्थर भूखंडों की नीलामी पर भी जोर
बैठक में पत्थर भूखंडों की ई-नीलामी की प्रगति और इससे जुड़ी प्रक्रियाओं की भी समीक्षा हुई। मंत्री ने निर्देश दिए कि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अधिकारियों से खनिज अन्वेषण में सहयोग बढ़ाया जाए।
वैज्ञानिक सर्वेक्षण और पारदर्शी नीलामी से खनिज संपदा का बेहतर उपयोग संभव होगा। इससे राज्य में निवेश, रोजगार और राजस्व के नए अवसर पैदा होंगे। बैठक में विभाग के सचिव अवनीश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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