पटना, कुमार रजत। Bihar Assembly Election 2020: बॉलीवुड फिल्‍म 'नायक' (Nayak) याद है आपको? उसमें अनिल कपूर मुख्‍य किरदार में एक दिन के मुख्‍यमंत्री के रूप में नजर आए थे। बिहार में एक दिन तो नहीं, लेकिन पांच दिन के मुख्‍यमंत्री (CM) जरूर हुए हैं। बिहार के मुख्यमंत्रियों का इतिहास बताता है कि अभी तक इस कुर्सी तक 23 नेता पहुंचे हैं, मगर इनमें से महज 13 ही साल भर से अधिक का कार्यकाल पूरा कर सके। इनमें 10 नेता तो ऐसे थे जो एक साल यानी 365 दिनों से भी कम समय तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठ सके। एक सतीश प्रसाद सिंह तो महज पांच दिन के मुख्‍यमंत्री रहे।

सबसे कम पांच दिन के सीएम रहे सतीश प्रसाद सिंह

बिहार के इतिहास में सबसे कम समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के नेता सतीश प्रसाद सिंह (Satish Prasad Singh) के नाम है। वे महज पांच दिन के लिए मुख्यमंत्री बने थे। दरअसल, 1967 में हुए चौथे विधानसभा चुनाव में कांग्रेस बहुमत नहीं पा सकी। इसके कारण बिहार में पहली गैर-कांग्रेसी सरकार बनी। तब जनक्रांति दल में रहे महामाया प्रसाद सिन्हा को पहला गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बनाया गया, मगर 330 दिनों तक सत्ता संभालने के बाद उन्हें कुर्सी छोड़नी पड़ी। इसके बाद संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के नेता सतीश प्रसाद सिंह मुख्यमंत्री बनाए गए मगर वह भी पांच दिन में हटा दिए गए। इसके बाद बीपी मंडल को मुख्यमंत्री की शपथ दिलाई गई मगर वे भी महज 31 दिन ही सीएम की कुर्सी संभाल सके।

तीन बार सीएम बने भोला पासवान शास्त्री

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भोला पासवान शास्त्री (Bhola Paswan Shastri) वर्ष 1968-72 के बीच तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री बने मगर तीनों कार्यकाल मिलाकर भी वे एक साल से अधिक सीएम नहीं रह सके। वह पहली बार 100 दिन, दूसरी बार 13 दिन और तीसरी बार 222 दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने। तीनों कार्यकाल मिलाकर वे कुल 335 दिनों तक मुख्यमंत्री रहे।

नीतीश और कर्पूरी को फिर से मिला मौका

बिहार के मुख्यमंत्रियों में कुछ नाम ऐसे भी हैं, जिन्हें पहले कार्यकाल में तो कुछ दिनों के लिए ही मौका मिला मगर दोबारा उन्होंने लंबे समय तक शासन किया। इसमें सबसे पहला नाम वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) का है। नीतीश पहली बार वर्ष 2000 में सात दिनों के लिए सीएम बने थे मगर बहुमत न होने पर उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद नवंबर, 2005 में वे दोबारा मुख्यमंत्री बने और सफल कार्यकाल पूरा किया। वर्ष 2014-15 में जीतन राम मांझी (Jitanram Manjhi) का 278 दिनों का कार्यकाल छोड़ दें तो वे लगभग 14 सालों से अधिक समय से मुख्यमंत्री पद पर बने हुए हैं।

इसी तरह जननायक के नाम से प्रसिद्ध कर्पूरी ठाकुर (Karpuri Thakur) भी 22 दिसंबर, 1970 को पहली बार महज 163 दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने थे। 1977 में दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने पर उनका कार्यकाल एक साल 301 दिनों का रहा।

मुख्यमंत्री                                   पार्टी                   कार्यदिवस    

सतीश प्रसाद सिंह              संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी     05 दिन  

दीप नारायण सिंह              कांग्रेस                           18 दिन

बीपी मंडल                       संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी     31 दिन

हरिहर सिंह                      कांग्रेस                           117 दिन

सत्येंद्र नारायण सिन्हा         कांग्रेस                           270 दिन

जीतन राम मांझी               जनता दल यूनाइटेड         278 दिन

रामसुंदर दास                  जनता पार्टी                     302 दिन

दारोगा प्रसाद राय             कांग्रेस                           310 दिन

महामाया प्रसाद सिन्हा       जनक्रांति दल                  330 दिन

भोला पासवान शास्त्री (तीन बार) कांग्रेस                   335 दिन       

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस