वैभव सूर्यवंशी के दम पर बिहार ने बनाया था रिकॉर्ड; अब विजय हजारे में 'एलीट' बनने से बस एक कदम दूर
बिहार क्रिकेट टीम विजय हजारे ट्रॉफी के एलीट ग्रुप में पहुंचने से बस एक कदम दूर है। प्लेट ग्रुप में लगातार पांच जीत दर्ज कर टीम फाइनल में पहुंच गई है, ...और पढ़ें

बिहार के क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी।
अक्षय पांडेय, पटना। बीसीसीआइ द्वारा आयोजित विजय हजारे ट्राफी के एलीट ग्रुप में पहुंचने से बिहार की टीम अब एक कदम दूर है।
बीते सत्र में खराब प्रदर्शन के कारण इस बार प्रदेश की टीम प्लेट ग्रुप में खेल रही है। प्लेट वह ग्रुप होता है, जिसमें कमजोर टीमें होती हैं।
इस बार प्लेट ग्रुप में लगातार पांच जीत कर बिहार फाइनल में है। छह जनवरी को बिहार का मणिपुर से खिताबी मुकाबला होगा। एक जीत चैंपियन का तमगा लगाने के साथ अगले सत्र में बिहार को एलीट में पहुंचा देगी।
इस सत्र में बिहार ने विजय हजारे में जीत की शुरुआत वैभव सूर्यवंशी की आतिशी पारी और कप्तान शकीबुल गनी के ताबड़तोड़ शतक की मदद से अरुणाचल प्रदेश के साथ की।
24 दिसंबर को रांची में खेले गए मुकाबले में कई कीर्तिमान बने। बिहार ने टास जीतकर वैभव सूर्यवंशी के 84 गेंदों में 190, शकीबुल गनी के 40 गेंदों में 128 और आयुष लोहारुका के 56 गेंदों में 116 रनों की बदौलत 50 ओवर में क्रिकेट इतिहास का सबसे अधिक स्कोर छह विकेट पर 574 रन बना दिया। जवाब में अरुणाचल की पारी 177 रन पर सिमट गई।
मणिपुर के साथ हुआ रोमांचक मुकाबला
26 दिसंबर को दूसरे मैच में बिहार का सामना मणिपुर से हुआ। यहां प्रदेश की टीम ने रोमांचक मैच में 15 रनों से विजय हासिल की।
बिहार ने पहले बल्लेबाजी करते हुए आकाश राज (75) और मंगल महरोर (65) की पारी की दौलत 284 रन पर अपने सभी विकेट गंवा दिए। जवाब में मणिपुर की टीम 50 ओवर में नौ विकेट के नुकसान पर 269 रन ही बना सकी।
पीयूष-आकाश ने दिलाई आसान जीत
29 दिसंबर को तीसरे मैच में पीयूष सिंह के अविजित शतक और आकाश राज की नाबाद 75 रन की पारी से बिहार ने मेघालय को आठ विकेट से पराजित किया।
मेघालय ने 50 ओवर में नौ विकेट के नुकसान पर 217 रन बनाए। जवाब में बिहार ने 32.3 ओवर में दो विकेट पर मैच अपने नाम कर लिया।
साल के आखिरी दिन 31 दिसंबर को चौथे मैच में बिहार के सामने नगालैंड को पराजय झेलनी पड़ी। बिहार के सूरज कश्यप के पांच विकटों की बदौलत नगालैंड के सभी बल्लेबाज 212 रन पर पवेलियन लौट गए।
जवाब में बिहार ने मंगल महरौर के 89 और पीयूष सिंह के 78 रन की बदौलत 37.5 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर 214 रन बनाकर मैच जीत लिया।
मिजोरम को हरा विजय क्रम रखा जारी
तीन जनवरी को सेमीफाइनल मैच में बिहार ने मिजोरम को पांच विकेट से पराजित कर अपना विजय क्रम जारी रखा। प्रतिद्वंद्वी टीम ने बिहार के हिमांशु सिंह और सूरज कश्यप के तीन-तीन विकेटों के आगे 45.4 ओवर में सभी विकेट गंवाकर 258 रन बनाए। बिहार ने 34.1 ओवर में पांच विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
टूर्नामेंट में छाए रहे पीयूष और सूरज
प्रतियोगिता में सभी खिलाड़ियों ने अपना अहम योगदान दिया। पीयूष सिंह ने शानदार फार्म का प्रदर्शन करते हुए एक शतक और तीन अर्धशतक की बदौलत 336 रन बना डाले।
सूरज कश्यप सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने पांच मैचों में 12 विकेट लिए। वैभव सूर्यवंशी ने दो मैच में 221 रन बनाए। मंगल महरोर ने चार पारियों में 191 रन और दो विकेट लिए।
आयुष लोहारुका ने 185 और बिपिन सौरभ ने 124 रन बनाए। कप्तान शकीबुल गनी ने 185 रन और पांच विकेट, आकाश राज ने 192 रन और छह विकेट लिए।

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