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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 20, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भाजपा अध्यक्ष का बड़ा आरोप, कहा-बिहार में हुआ वकील फीस घोटाला; 35-35 लाख देकर दिल्ली से बुलाए अधिवक्ता

By Jagran NewsEdited By: Akshay Pandey
Published: Thu, 20 Oct 2022 05:25 PM (IST)

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. संजय जायसवाल ने कहा कि बिहार में वकील घोटाला हुआ है। 35 लाख रुपये प्रति सुनवाई ...और पढ़ें

प्रेस वार्ता को संबोधित करते बिहार भाजपा अध्यक्ष डा. संजय जायसवाल व साथ में अन्य।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते बिहार भाजपा अध्यक्ष डा. संजय जायसवाल व साथ में अन्य।

राज्य ब्यूरो, पटना। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. संजय जायसवाल ने बिहार में वकील घोटाले का आरोप लगाया है। बीजेपी प्रदेश कार्यालय में गुरुवार को प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कई बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आयोग बनाने के लिए कहा पर उन्होंने 15 रिव्यू पेटीशन दायर कर दी। इसके लिए उन्होंने 35-35 लाख रुपये प्रति सुनवाई लेने वाले वकीलों को दिल्ली से बुलवाया।

संजय ने नीतीश से पूछा कि जब सरकार को अपनी पेटीशन वापस ही लेनी थी और बहस ही नहीं करनी थी तो इतनी बड़ी रकम वकीलों को क्यों दी गई? उन्होंने पूछा कि क्या बिहार के एजी भी ‘रबर स्टैंप सीएम’ की तरह ‘रबर स्टैंप एजी’ हो गए हैं जिनका काम बहस की बजाए दिल्ली से वकीलों को लाना भर रह गया है? उन्होंने कहा कि राज्य की पुलिस का हाल यह है कि एक फ्राड अपने आप को चीफ जस्टिस बताते हुए, डीजीपी से गलत काम करवा लेता है और उन्हें पता तक नहीं चलता।

बिहार की जनता भगवान भरोसे

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि बिहार डीजीपी को शायद यह भी नहीं पता है कि किसी राज्य का चीफ जस्टिस जो दूसरे राज्य का होता है, अपनी नियुक्ति वाले राज्य में कभी भी कोई पैरवी नहीं करता है। अगर सूबे के डीजीपी का यह हाल है तो बाकि पुलिस फोर्स का क्या होगा? यह स्वत: अंदाजा लगाया जा सकता है। इससे पता चलता है कि बिहार की जनता आज पूरी तरह भगवान भरोसे है।

डीजीपी प्रकरण की कराई जाए जांच

जायसवाल ने कहा कि डीजीपी प्रकरण में फिलहाल एक अनियमितता का खुलासा हुआ है, लेकिन इससे पता चलता है कि दबाव के जरिए उनसे कुछ भी कराया जा सकता है। उन्होंने इस तरह के और क्या-क्या कारनामे किए हैं? यह जांच से ही पता चल सकता है। संजय ने कहा कि हमारी मांग है कि सरकार निष्पक्ष तरीके से मामले की जांच कराए। हाई कोर्ट द्वारा राज्य में शराबबंदी कानून को फेल बताए जाने का जिक्र करते हुए डा. जायसवाल ने कहा कि राजद सरकार को ‘जंगलराज’ बताने के बाद यह पहली बार है जब हाईकोर्ट ने कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर ऐसी तीखी टिप्पणी की हो। 

सरकार में रह गई बार किया था आगाह

भाजपा अध्यक्ष सरकार में रहते हुए पहले भी कई बार शराब माफियाओं और नशे के सौदागरों के बढ़ते वर्चस्व को लेकर सरकार को आगाह किया था, लेकिन नीतीश कुमार की शह पर उनके बयानवीर नेता उल्टे हमें ही सीख देने लगते थे। यह नीतीश के उसी अहंकार का परिणाम है कि आज हाईकोर्ट खुद उन्हें शराबबंदी कानून के पालन में बुरी तरह फेल बता रहा है। किसी सरकार के लिए इससे शर्मनाक कुछ और नहीं हो सकता।

बिहार की कानून व्यवस्था बदहाल

उन्होंने कहा कि यह बिहार की बदहाल कानून व्यवस्था और बढ़ते नशे के जाल का ही परिणाम है कि ऐसा कोई दिन नहीं बीत रहा जब दिनदहाड़े हत्या, लूट या रंगदारी मांगने का मामला सामने न आ रहा हो। कल पटना के पाश इलाके बोरिंग रोड में जिस तरह से फिल्मी स्टाइल में गोलियों की बौछार करते हुए हरनौत के पूर्व मुखिया की हत्या हुई है, वह दिखाता है कि आज बिहार में अपराधियों का मनोबल कितना बढ़ा हुआ है।

अपराधियों को मिली खुली छूट

इसके अलावा घटना के तकरीबन पौन घंटे तक पुलिस का वारदात की जगह पर न पहुंचना पुलिस प्रशासन की सुस्ती और ठगबंधन राज में उनके घटे मनोबल को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हकीकत में आज सरकार के निकम्मेपन से राज्य में अपराधियों को खुली छूट मिल गयी है। गली-गली अवैध शराब का कारोबार चलाते हुए शराब माफिया हजारों करोड़ की समानांतर अर्थव्यवस्था चला रहे हैं। गांजा, चरस, स्मैक, ब्राउनशुगर आदि नशे के जाल में युवाओं की एक बड़ी जमात फंस चुकी है।

रात में निकलने से डरने लगी है जनता

संजय ने कहा कि लुट लिए जाने के डर से आम लोग अब फिर से रात में निकलने से परहेज करने लगे हैं। वास्तव में बिहार में अब धीरे-धीरे पुन: राजद के जंगलराज की वापसी हो रही है, जिसमें अब अपराधियों, शराब माफियाओं के साथ-साथ पीएफआइ जैसे देशद्रोही संगठन भी सरकार पर हावी होने लगे हैं। लेकिन सूबे के मुखिया को पीएम बनने के दिवास्वप्न से फुर्सत ही नहीं मिल रही है। 

कानून व्यवस्था मजबूत करने से कौन रोक रहा

सवाल पूछते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार को बताना चाहिए कि आखिर सूबे में कानून व्यवस्था को मजबूत करने से उन्हें कौन रोक रहा है? वह बताएं कि आखिर किसके डर से उन्होंने बिहार में माफियाओं को खुली छूट दे दी है? नीतीश जी को बताना चाहिए कि सख्त कदम नही उठाने के लिए उन पर कौन दबाव बना रहा है? इस मौके पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव रंजन, प्रवक्ता विवेकानंद पासवान व मीडिया प्रभारी राकेश सिंह और अशोक भट्ट मौजूद रहें।