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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आनंद मोहन की रिहाई: सियासी 'गर्मी' घटाने की कवायद तेज, चेतन आनंद करेंगे पूर्व IAS कृष्णैया की पत्नी से मुलाकात

By Dina Nath SahaniEdited By: Yogesh Sahu
Published: Wed, 26 Apr 2023 10:53 PM (IST)

आनंद मोहन के पुत्र और राजद के विधायक चेतन आनंद ने दिवंगत आइएएस अधिकारी जी कृष्णैया की पत्नी उमा कृष्णैया ...और पढ़ें

आनंद मोहन की रिहाई: सियासी 'गर्मी' घटाने की कवायद तेज, चेतन आनंद करेंगे पूर्व IAS कृष्णैया की पत्नी से मुलाकात
आनंद मोहन की रिहाई: सियासी 'गर्मी' घटाने की कवायद तेज, चेतन आनंद करेंगे पूर्व IAS कृष्णैया की पत्नी से मुलाकात

राज्य ब्यूरो, पटना। बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई को लेकर बीते दो दिन में बिहार में सियासी माहौल में गर्माहट एकाएक बढ़ गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार को इसे लेकर आलोचना का सामना भी करना पड़ रहा है।

वहीं, अब इस मसले को ठंडा करने की कवायद भी तेज हो गई है। इसके तहत आनंद मोहन के पुत्र और राजद के विधायक चेतन आनंद जल्द ही पूर्व आइएएस अधिकारी जी कृष्णैया की पत्नी से मुलाकात कर सकते हैं।

बता दें कि जेल के नियमों में संशोधन कर आनंद मोहन की रिहाई का रास्ता साफ करने को लेकर कांग्रेस पूरी तरह से प्रदेश सरकार पर हमलावर है। वहीं, भाजपा सरकार पर निशाना साधने से बचती नजर आ रही है।

बहारहाल, जानकारी के अनुसार आनंद मोहन के पुत्र और राजद के विधायक चेतन आनंद ने दिवंगत आइएएस अधिकारी जी कृष्णैया की पत्नी उमा कृष्णैया और परिवार के दूसरे सदस्यों से मिलने की इच्छा जाहिर की है।

चेतन ने कहा है कि कृष्णैया परिवार के साथ उनकी पूरी सहानुभूति है। हमारे लोग उनसे संपर्क कर रहे हैं। अगर उनकी सहमति मिली तो हम पूरे परिवार के साथ उनसे मिलने जाएंगे।

उन्होंने कहा कि हमारे पिता दोषी नहीं हैं। कृष्णैया की हत्या की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में उनका हाथ नहीं है। दूसरे लोग इसके लिए जिम्मेवार हैं। हमलोग कृष्णैया परिवार की पीड़ा समझ रहे हैं।

आनंद मोहन की रिहाई के फैसले पर पुनर्विचार करे सरकार : चिराग

उधर, लोजपा-रामविलास के अध्यक्ष चिराग पासवान ने आनंद मोहन के लिए कानून में किए गए बदलाव पर आपत्ति जताई है।

पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने राजनीतिक लाभ के लिए कानून का दुरुपयोग करते रहे हैं। इसका उदाहरण आनंद मोहन की रिहाई के नाम पर कानून में बदलाव है।

मुख्यमंत्री आनंद मोहन के लिए कानून में किए गए अपने फैसले पर पुनर्विचार करें।  पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आनंद मोहन को जेल से रिहाई के लिए कानून में फेरबदल कर दिया।

बिहार में एक दलित और जिम्मेदार अधिकारी की हत्या की गई। इस बात को झुठलाया नहीं जा सकता, लेकिन उसके दोषी को कानून में फेरबदल कर इस तरीके से रिहा कर दिया जाना कहीं से उचित नहीं है।