अखिलेश ने लालू यादव से की मुलाकात, तेजस्वी को लेकर कह दी ये बात; RJD सुप्रीमों ने भेंट की खास मिठाई
अखिलेश यादव ने पटना में लालू प्रसाद से मुलाकात के बाद कहा कि बिहार में महागठबंधन की सरकार बनेगी और तेजस्वी यादव ही मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने तेजस्वी के काम की प्रशंसा की और कहा कि युवाओं को उन पर भरोसा है। अखिलेश ने मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाया और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने लालू प्रसाद के साथ नाश्ता भी किया।

राज्य ब्यूरो, पटना। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि बिहार में अगली सरकार महागठबंधन की बनेगी। तेजस्वी यादव ही मुख्यमंत्री बनेंगे। उनको छोड़ किसी अन्य के मुख्यमंत्री बनने के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है।
अखिलेश शनिवार को राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। वे वोटर अधिकार यात्रा में शामिल होकर शाम में पटना पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि महागठबंधन ने वोटरों को जगाने का अच्छा प्रयास किया।
हम उम्मीद करते हैं कि विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा भाग जाएगी। तेजस्वी की प्रशंसा करते हुए अखिलेश ने कहा कि उप मुख्यमंत्री के रूप में इन्होंने अच्छा काम किया है। लोगों को रोजगार दिलाया। नौकरियां दिलाई।
युवाओं को भरोसा है कि तेजस्वी मुख्यमंत्री बनते हैं तो बिहार के लोग कामकाज के सिलसिले में राज्य से बाहर नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि सघन मतदाता पुनरीक्षण में अब तक कोई घुसपैठिया नहीं पकड़ में आया है। हमारे राज्य के मुख्यमंत्री ही प्रवासी हैं।
संवाददाता सम्मेलन में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि हमारे यहां तो गुजरात के एक घुसपैठिये को वोटर बना दिया गया है। उनका इशारा भाजपा के संगठन महामंत्री भीखूभाई दलसानिया की ओर था, जिनका नाम बिहार के वोटर लिस्ट में जोड़ा गया है।
अखिलेश ने कहा कि भाजपा पहले इस्तेमाल करती है। फिर बर्बाद करती है। प्रश्न था कि क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ भाजपा यही कर रही है? अखिलेश का उत्तर था- इसका आकलन आपलोग कीजिए।
आधे घंटे तक लालू प्रसाद के आवास में रहे अखिलेश
अखिलेश यादव करीब आधे घंटे तक लालू प्रसाद के आवास में रहे। नाश्ता किया। वैशाली जिले के भगवानपुर का काला जामुन उन्हें परोसा गया। उन्होंने इसके स्वाद की प्रशंसा की। लालू ने सौगात में उन्हें यह मिठाई दी, जिसे वे लखनऊ ले गए।
मुलाकात के समय पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, उनकी पत्नी राजश्री यादव, सांसद संजय यादव और राजद के राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव भी मौजूद थे।
तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए अखिलेश यादव की प्रतिबद्धता को देखते हुए पुराने लोगों को 1996 की वह घटना याद आ गई, जब मुलायम सिंह यादव के प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया था।
माकपा के तत्कालीन महासचिव हरिकशन सिंह सुरजीत यह प्रस्ताव लेकर लालू प्रसाद के पास गए तो उन्हें एक झटके से इनकार कर दिया। तभी एचडी देवगौड़ा प्रधानमंत्री बन पाए।
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