बिहार में ओवरलोड ऑटो-बस से हुई दुर्घटना तो गाड़ी मालिक और ड्राइवर दोनों जाएंगे जेल, नाबालिग चालक भी हो जाएं सतर्क
बिहार में ओवरलोड ऑटो और बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। दुर्घटना होने पर ड्राइवर के साथ मालिक पर भी धारा 105 के तहत मुकदमा दर्ज होगा जिसमें दस साल की जेल हो सकती है। हाल ही में दनियावां में ऑटो दुर्घटना में नौ लोगों की मौत के बाद यह फैसला लिया गया है। नाबालिग चालकों और मालवाहक वाहनों में यात्रियों को ढोने पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में ओवरलोड ऑटो और बस से सड़क दुर्घटना होने पर अब ड्राइवर के साथ वाहन मालिक पर भी गंभीर धाराओं में मुकदमा किया जाएगा।
इस मामले में बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 105 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। इस धारा में दस वर्ष के कारावास और जुर्माने का प्रविधान है।
पुलिस मुख्यालय में शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में अपर पुलिस महानिदेशक (यातायात) सुधांशु कुमार ने यह जानकारी दी।
एडीजी ने बताया कि हाल के दिनों में ओवरलोड वाहनों खासकर ऑटो के कारण सड़क दुर्घटनाओं में हुई मौत को देखते हुए यह आदेश जारी किया गया है।
पांच-छह दिन पहले ही पटना में दनियावां के पास ऑटो दुर्घटना में नौ लोगों की मौत हुई है। छोटे ऑटो पर तीन और बड़े ऑटो पर अधिकतम पांच लोगों को बिठाने की व्यवस्था है।
अगर ऑटो में नौ लोग हैं तो इसका मतलब है कि जानबूझकर ड्राइवर यात्रियों की जान जोखिम में डाल रहा है, इसलिए ऐसे सभी मामलों में धारा 105 के तहत प्राथमिकी दर्ज करने को कहा गया है। ऐसे मामलों में पीड़ितों को बीमा का लाभ भी नहीं मिल पाता है।
जहानाबाद हादसे में भी बस ड्राइवर-मालिक पर कसेगा शिकंजा
एडीजी ने कहा कि हाल के दिनों में ओवरलोड वाहनों से हुई दुर्घटना में भी जांच में धारा 105 के प्रविधान को जोड़ा जाएगा।
दनियावां में ऑटो हादसे के अलावा जहानाबाद में स्कूल बस की टूटी फर्श से बच्चे की मौत मामले में भी एडीजी ने पदाधिकारियों को सख्त धाराओं में ड्राइवर और मालिक पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
नाबालिग वाहन चालकों पर भी होगी सख्त कार्रवाई
एडीजी सुधांशु कुमार ने कहा कि अनफिट बस चालकों, नाबालिगों के द्वारा ऑटो-ई-रिक्शा या अन्य वाहन चलाने के मामले में भी बीएनएस की धारा के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मालवाहक वाहनों से यात्रियों को ढोए जाने के मामले में भी सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। ई-रिक्शा पर स्कूली बच्चों के परिवहन पर पहले से ही रोक है, इसका भी सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा।
उन्होंने ऑटो चालकों से अपील की कि वह ओवरलोड आटो न चलाएं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी ऑटो चलाने से परहेज करें। इसके साथ ही एडीजी ने आम लोगों से भी अपील करते हुए कहा कि ओवरलोड वाहनों पर बैठने से परहेज करें और गलत वाहन चलाने वालों के खिलाफ आवाज उठाएं।
हाल में ओवरलोड ऑटो से हादसे में मौत
- 23 फरवरी : मसौढ़ी में ऑटो हादसे में सात लोगों की मौत।
- 29 मई : डुमरिया में ऑटो के कारण दुर्घटना में चार की मौत।
- 31 जुलाई : आदर्श नगर में ऑटो हादसे में तीन की गई जान।
- 23 अगस्त : दनियावां के पास ऑटो हादसे में नौ की मौत।
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