पत्नी ने पति को गिफ्ट कर दी किडनी, बचा ली उसकी जान
पति की दोनो किडनी ने काम करना बंद कर दिया था। पत्नी ने अपनी एक किडनी देकर पति की जान बचा ली।
पटना [जेएनएन]। पत्नी ने अपनी किडनी देकर पति की जान बचा ली है। वहीं पटना में यह पहला मौका है जब आइजीआइएमएस के डॉक्टररों ने खुद किडनी का प्रत्यारोपण किया है। इससे पहले दो किडनी प्रत्यारोपण एम्स नई दिल्ली के डॉक्टरों की देखरेख में हुआ था। बता दें कि आईजीआईएमएस में यह 23 वां किडनी प्रत्यारोपण है। अब संस्थान में लीवर प्रत्यारोपण की भी तैयारी चल रही है।
बताया जा रहा है कि तीन साल पहले बुखार आने पर मरीज ने दवा खा ली लेकिन उसे पता नहीं था कि यह उसके लिए भारी पड़ जाएगी। दवा के रियेक्शन से मरीज की दोनों किडनी खराब हो गई। तीन साल से परेशान मरीज का रविवार को आईजीआईएमएस में किडनी प्रत्यारोपण किया गया। किडनी पत्नी ने दान किया।
आईजीआईएमएस के चिकित्सा अधीक्षक डॉ.मनीष मंडल ने बताया कि वैशाली के 53 वर्षीय जितेंद्र कुमार तीन साल पहले बुखार से पीड़ित हुए थे। निकटवर्ती एक दुकान से दवा खा ली। दवा का दुष्प्रभाव पड़ने से उनकी किडनी पर असर हुआ। उचित उपचार नहीं होने के कारण दोनों किडनी खराब हो गई।
परिजनों ने उनका पटना और नई दिल्ली के कई सरकारी अस्पतालों में उपचार कराया लेकिन डॉक्टरों ने अंतत: किडनी प्रत्यारोपण कराने की सलाह दी। रविवार को उनकी पत्नी 45 वर्षीय मुन्नी देवी ने एक किडनी देकर पति की जान बचाई।
यह पहला मौका है जब आईजीआईएमएस में डॉक्टरों ने खुद किडनी प्रत्यारोपण किया। इससे पहले दो किडनी प्रत्यारोपण एम्स नई दिल्ली के डॉक्टरों की देखरेख में हुआ था। डॉक्टरों का कहना है कि पति-पत्नी की तबीयत ठीक है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।