परमाणु ऊर्जा भविष्य की संपत्ति
पटना, हमारे प्रतिनिधि: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा न्यूक्लियर पावर कारपोरेशन आफ इण्डिया लि. के सहयोग से मंगलवार को आयोजित संगोष्ठी में परमाणु ऊर्जा के विशेषज्ञ पी.बी.मिश्रा ने कहा कि परमाणु ऊर्जा भविष्य की सबसे बड़ी संपत्ति है। दुनिया भर में दिनोंदिन बिजली की खपत बढ़ती जा रही है, ऐसे में बिजली उत्पादन करने के लिए परमाणु ऊर्जा के सिवा दूसरा कोई टिकाऊ विकल्प नहीं है। श्री मिश्रा ने कहा कि वर्तमान में दुनियाभर में उत्पादित कुल ऊर्जा में 15 प्रतिशत योगदान परमाणु ऊर्जा का है। भारत में कुल ऊर्जा उत्पादन में परमाणु ऊर्जा का योगदान महज 2.6 प्रतिशत ही है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश में 66 प्रतिशत बिजली कोयले से उत्पादित की जा रही है। लेकिन कोयले के उत्पादन में कमी आने वाली है, ऐसे में हमें समय रहते उसका विकल्प तलाशना होगा। देश में कुल ऊर्जा का 10.86 प्रतिशत सौर व हवा से उत्पादित किया जा रहा है। परमाणु ऊर्जा के प्रति सरकार भी काफी सचेत है। उन्होंने बताया कि जापान में आयी प्राकृतिक आपदा के बाद फुकुसीमा रिएक्टर को लेकर कई तरह की आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं। उसके बाद प्रधानमंत्री डा.मनमोहन सिंह ने देश के सभी रिएक्टरों की जांच का निर्देश दिया था। जांच में देश के सभी रिएक्टर सुरक्षित पाये गये हैं।
मौके पर कंपनी के अपर मुख्य अभियंता आर.आर.सहाय ने कहा कि परमाणु रिएक्टरों के रखरखाव पर सरकार व वैज्ञानिकों द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस अवसर पर आइआइटी पटना के निदेशक प्रो.ए.के.भौमिक ने उद्घाटन भाषण दिया। मौके पर आइआइटी पटना के रजिस्टार सुभाष पाण्डेय सहित कई लोग मौजूद थे।
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