यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
KK Pathak : केके पाठक को हटाने के लिए राजभवन पहुंचे 15 विधान पार्षद, शिक्षा विभाग में बढ़ी हलचल
KK Pathak News बिहार में अपर मुख्य सचिव केके पाठक के आने के बाद शिक्षा व्यवस्था में सुधार को जो ...और पढ़ें

HighLights
- राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने वालों में सत्तापक्ष के सर्वाधिक एमएलसी
- कांग्रेस- जन सुराज और एक निर्दलीय भी ज्ञापन देने वालों में शामिल
राज्य ब्यूरो, पटना। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक को उनके पद से हटाने के लिए बिहार विधान परिषद के 15 सदस्यों ने मंगलवार को राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर को ज्ञापन सौंपा।
इनमें सर्वाधिक विधान पार्षद सत्तापक्ष के हैं। इन सभी विधान पार्षदों ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक द्वारा राज्य के विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों में प्रतिदिन हरेक शिक्षक के लिए पांच कक्षाएं लेने को अनिवार्य करने की शिकायत राज्यपाल से की।
शिक्षक एक; कक्षाएं पांच, कैसे संभव?
उन्होंने कहा कि एक शिक्षक के लिए प्रतिदिन पांच कक्षा लेना संभव नहीं है। वहीं, शिक्षा विभाग द्वारा हाल के दिनों में विश्वविद्यालयों को दिए गए कई आदेशों को भी अलोकतांत्रिक और अव्यवहारिक बताया।
इसके बारे में विधान पार्षदों ने राज्यपाल को जानकारी दी कि शिक्षा विभाग की ओर से दिए जा रहे आदेश बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम एवं परिनियम तथा संवैधानिक प्रविधानों के तहत प्रदत्त मूल अधिकारों के विरुद्ध असंवैधानिक है।
वेतन रोकने का मामला भी उठा
ऐसे अधिकारी को पद से हटाया जाना आवश्यक है। राज्यपाल के समक्ष विश्वविद्यालय अध्यापक एवं विधान पार्षद प्रो.संजय कुमार सिंह का वेतन रोके जाने का मामला भी उठाया।
ज्ञापन देने वाले विधान पार्षद में भाकपा के प्रो. संजय कुमार सिंह, जदयू के डा. संजीव कुमार सिंह, प्रो. वीरेन्द्र नारायण यादव, रेखा कुमारी, राजद के अजय कुमार सिंह, कुमार नागेन्द्र, डा. रामबली सिंह, कांग्रेस के डा. मदन मोहन झा, समीर कुमार सिंह, प्रेमचंद मिश्रा, भाजपा के सर्वेश कुमार सिंह, डा. संजय पासवान, जन सुराज के डा. सच्चिदानंद राय तथा अफाक अहमद, निर्दलीय महेश्वर सिंह शामिल हैं।