यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
KK Pathak: बड़ी गड़बड़ पर पड़ी केके पाठक की नजर, शिक्षा विभाग के लापरवाह अधिकारियों पर गाज गिरनी तय
KK Pathak News राज्य में बिहार लोक सेवा आयोग से पहले चरण में अनुशंसित एवं नियुक्त शिक्षकों के योगदान की ...और पढ़ें

HighLights
- नवनियुक्त शिक्षकों के योगदान तिथि को पोर्टल पर अपलोड नहीं करने की हो रही जांच
- संबंधित जिलों के अधिकारियों को शिक्षकों के योगदान संबंधी पूरी जानकारी के साथ मुख्यालय में तलब किया गया
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में बिहार लोक सेवा आयोग से पहले चरण में अनुशंसित एवं नियुक्त शिक्षकों के योगदान की तिथि पोर्टल पर तय समयसीमा के अंदर अपलोड नहीं करने वाले जिलों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर गाज गिरनी तय है।
इस मामले में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के आदेश पर सोमवार से राज्यस्तरीय कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। जांच में यह बात सामने आई है कि एक हजार से अधिक शिक्षकों के योगदान की तिथि शिक्षा विभाग के पोर्टल पर अपलोड करने में लापरवाही बरती गई है।
प्राथमिक शिक्षा के उपनिदेशक संजय कुमार चौधरी के नेतृत्व में गठित जांच कमेटी पूरे मामले की जिलेवार पड़ताल शुरू कर दी है। यह जांच संबंधित जिलों के जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को सामने बिठाकर की जा रही है।
इसलिए संबंधित जिलों के अधिकारियों को शिक्षकों के योगदान संबंधी पूरी जानकारी के साथ मुख्यालय में तलब किया गया है। जांच कमेटी शिक्षकों के योगदान संबंधी मामले की जांच कर कंप्यूटर पर योगदान की स्वीकृति या अस्वीकृति की अनुशंसा करेगी। सभी 38 जिलों की यह जांच प्रक्रिया 21 दिसंबर तक पूरी होने की उम्मीद है।
सीबीएसई बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षा एक जनवरी से 14 फरवरी तक
सीबीएसई 10 वीं और 12 वीं बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षा एक जनवरी से 14 फरवरी तक आयोजित की जाएगी। प्रायोगिक परीक्षा को लेकर सीबीएसई ने सभी स्कूलों को दिश-निर्देश जारी कर दिया है।
प्रायोगिक परीक्षा के एक सत्र में 30 बच्चे ही शामिल होंगे। सीबीएसई ने कहा है कि स्कूल के प्रधानाध्यापक और शिक्षक प्रायोगिक परीक्षा का नंबर अपलोड करते समय सावधानी बरतेंगे, ताकि अंक और नाम में गलती होने पर विद्यार्थियों को परेशानी नहीं हो।