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    बिहार को नुकसान की भरपाई के लिए मिले 1255 करोड़, दस लाख की आबादी पर पड़ा था असर

    By Akshay PandeyEdited By:
    Updated: Sat, 13 Feb 2021 08:16 PM (IST)

    पिछले वर्ष जुलाई में आई बाढ़ से उत्तर बिहार के दस जिले प्रभावित हुए थे और करीब दस लाख आबादी पर इसका असर पड़ा था। इसकी भरपाई के लिए बिहार को नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फंड से 1255.27 करोड़ मिलेंगे। यह अतिरिक्त केंद्रीय सहायता के रूप में होगा।

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    बिहार को नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फंड से 12,55.27 करोड़ मिलेंगे। प्रतीकात्मक तस्वीर।

    राज्य ब्यूरो, पटना। वर्ष 2020 में बिहार में आई बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए बिहार को नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फंड से 12,55.27 करोड़ मिलेंगे। यह अतिरिक्त केंद्रीय सहायता के रूप में होगा। पिछले वर्ष जुलाई में आई बाढ़ से उत्तर बिहार के दस जिले प्रभावित हुए थे और करीब दस लाख आबादी पर इसका असर पड़ा था।

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    बिहार ने 3634.82 करोड़ की मांग भेजी थी

    बाढ़ से हुए नुकसान को लेकर बिहार ने केंद्र सरकार को 3634.82 करोड़ की मांग सौैंपी थी। इसमें लगभग एक हजार करोड़ रुपये कृषि सेक्टर के लिए थे। किसानों को हुए फसल नुकसान मद में यह राशि मांगी गई थी। अलग-अलग विभागों ने अपने-अपने नुकसान की रिपोर्ट आपदा प्रबंधन विभाग को सौैंपी थी। इसमें आधारभूत संरचना को बाढ़ से हुए नुकसान की क्षति का भी ब्योरा था। राज्य सरकार ने नुकसान को लेकर केंद्र को दो बार अपनी मांग भेजी थी। पहली बार 3328.60 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। इसके बाद इसे संशोधित कर भेजा गया था। केंद्रीय टीम ने बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर यहां के अधिकारियों के साथ बैठक कर अपनी रिपोर्ट सौैंपी थी।

    इन जिलों पर अधिक था असर

    दक्षिण पश्चिमी मानसून की वजह से आए बाढ़ में बिहार के सर्वाधिक प्रभावित जिलों में पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा और खगडिय़ा शामिल थे। बाढ़ प्रभावित लोगों को गांव से बाहर निकालने के लिए तेरह एनडीआरएफ तथा आठ एसडीआरएफ की टीम को लगाया गया था। बागमती और अधवरा तथा कोसी के उफान की वजह से कई जिलों पर बाढ़ का बड़ा असर था। कमला बलान, बूढ़ी गंडक, लाल बकेया तथा खिरोही नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया था।