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    पटना में 4 दिन में 10 कोरोना पॉजिटिव, निजी लैब की जांच में 39 और 55 साल वाले दो मिले संक्रमित

    Updated: Wed, 28 May 2025 10:48 PM (IST)

    पटना में कोरोना संक्रमितों के मिलने का क्रम लगातार जारी है। राजधानी के एक निजी लैब में कोरोना जांच कराने वाले दो आशंकितों की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। मंगलवार को एनएमसीएच में जिन दो लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव आई थी उसे स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में जोड़ दिया गया है।

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    निजी लैब की जांच में मिले दो और कोरोना पाजिटिव। सांकेतिक तस्वीर।

    जागरण संवाददाता, पटना। राजधानी के सरकारी अस्पतालों में जांच नहीं होने के बावजूद कोरोना संक्रमितों के मिलने का क्रम जारी है। बुधवार को एक निजी लैब में जांच कराने वाले दो आशंकितों की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। इसके अलावा मंगलवार को एनएमसीएच में जिन दो लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव आई थी, उसे स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में जोड़ दिया गया है।

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    दो डाक्टर व दो नर्सें एम्स पटना की

    सिविल सर्जन डा. अविनाश कुमार सिंह ने बताया कि गत चार दिन में राजधानी में कोरोन के 10 संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें से सबसे अधिक दो डाक्टर व दो नर्सें एम्स पटना की हैं। हालांकि, सभी में बहुत हल्के लक्षण हैं। अबतक किसी संक्रमित को अस्पताल में भर्ती कराने की स्थिति नहीं आई है। हालांकि, उन्होंने लोगों से शारीरिक दूरी, मास्क पहनने व बेवजह अधिक भीड़भाड़ वाली जगहों में नहीं जाने व अंजान सतह छूने पर हाथों को साबुन से धोते रहने की हिदायत दी है।

    सर्दी-खांसी व बुखार पीड़ित ने कराई जांच

    सिविल सर्जन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार सर्दी-खांसी व बुखार पीड़ित दोनों लोगों ने आशंका के आधार पर कोरोना जांच कराई थी। इनमें से 39 वर्षीय युवक कंकड़बाग तो दूसरा 55 वर्षीय व्यक्ति आलमगंज थाने के बजरंगपुरी का निवासी है। निजी लैब ने दोपहर बाद इसकी रिपोर्ट सिविल सर्जन कार्यालय भेजी है। वहीं एनएमसीएच में मंगलवार को जो दो पाजिटिव आए थे, उनकी रिपोर्ट सिविल सर्जन कार्यालय को बुधवार को मिली।

    जांच के लिए अभी करना होगा इंतजार 

    एम्स पटना, पीएमसीएच, एनएमसीएच या आइजीआइएमएस में आमजन को निशुल्क कोरोना उपचार के लिए अभी इंतजार करना होगा। इन अस्पतालों में अस्पताल के रोगियों की जरूरत पर जांच कराई जा रही है, खासकर सर्जरी के पूर्व। स्वास्थ्य विभाग से आरटी-पीसीआर किट नहीं मिलने के कारण अभी सभी लोगों की निशुल्क जांच नहीं की जा रही है।