वाहनों से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम, बिना जांच प्रमाण पत्र वाले वाहनों का डाटा संग्रह करने व फर्जी प्रमाण पत्र पर रोक लगाने के लिए परिवहन विभाग ऑनलाइन व्यवस्था करने जा रही है। जांच का मापदंड पूरा होने के बाद ही प्रदूषन प्रमाणपत्र निर्गत किया जाएगा। बीएस 4 व बीएस 3 आदि कैटोगरी के हिसाब से वाहनों के प्रदूषण की जांच की जाएगी। इससे विभाग के पास जानकारी होगी कि कितने वाहनों के पास प्रदूषण प्रमाण पत्र हैं और कितने के पास नहीं। इसके साथ ही जिन वाहनों के पास प्रदूषन प्रमाण पत्र नहीं रहेगा उस पर कार्रवाई करने में विभाग को आसानी होगी। प्रदूषण जांच की नई व्यवस्था का फिलहाल पटना में प्रयोग के तौर पर शुरुआत किया गया है। जल्द ही नवादा में भी इसकी शुरुआत हो सकेगी। प्रदूषन जांच के बाद जारी प्रमाण पत्र पर जांच के बाद क्यू आर कोड की व्यवस्था रहेगी ताकि स्कैन करने पर प्रमाण पत्र को आसानी से सत्यापित किया जा सके। कहते हैं अधिकारी

- अभी वाहनों के प्रदूषण जांच के बाद रसीदनुमा प्रमाण पत्र दिया जाता है। इसमें लगातार फर्जीवाड़े की शिकायत प्राप्त हो रही थी। कई बार लोग बगैर जांच कराए ही फर्जी प्रमाण पत्र प्राप्त कर लेते थे। अब मशीन से वाहन की प्रदूषण जांच होते ही उसका ऑनलाइन रिकॉर्ड दर्ज हो जाएगा। प्रमाण पत्र तभी निर्गत होगा, जब जांच में सबकुछ ठीक पाया जाएगा। ऐसे में जांच के नाम पर फर्जीवाड़ा पर रोक लगने के साथ ही प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी। पटना में प्रयोग सफल रहने पर जल्द ही जिले में इसे लागू किया जाएगा।

अभ्येन्द्र कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, नवादा।

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