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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 12, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मेसकौर में गर्मी से जनजीवन बेहाल, दोपहर होते ही बाजार में सन्नाटा

By JagranEdited By:
Published: Sun, 12 Jun 2022 11:16 PM (IST)

गर्मी से प्रखंड क्षेत्र का आम जनजीवन बेहाल है। धूप की कड़ी तपिश लोगों को परेशान कर रही है। सूर्य ...और पढ़ें

मेसकौर में गर्मी से जनजीवन बेहाल, दोपहर होते ही बाजार में सन्नाटा
मेसकौर में गर्मी से जनजीवन बेहाल, दोपहर होते ही बाजार में सन्नाटा

संवाद सूत्र, मेसकौर (नवादा) : गर्मी से प्रखंड क्षेत्र का आम जनजीवन बेहाल है। धूप की कड़ी तपिश लोगों को परेशान कर रही है। सूर्य की तीखी किरणें सुबह से ही शरीर को झुलसाने लगती है। रविवार को मेसकौर प्रखंड में भीषण गर्मी से घर से लेकर बाजार तक के सभी लोग परेशान दिखे। जीव-जन्तु भी परेशान नजर आ रहे हैं। बाजार में 11 बजे के बाद से सन्नाटा पसर जा रहा है। युवक, युवतियां, बुजुर्ग धूप से बचने के लिए छाता लगाकर चल रहे हैं। लड़कियां धूप से अपने चहरे को बचाने के लिए कपड़ा बांधकर चल रही हैं। क्षेत्र के ग्रामीण लोग भी गर्मी से त्राहिमाम- त्राहिमाम कर रहे हैं। मौसम की बेरुखी से जन-जीवन पर असर पड़ रहा है। धूप की तपिश के बीच धीरे-धीरे बढ़ रही उमस भरी गर्मी लोगों को पिछले साल की याद ताजा कराने लगी है। गत साल भी जून के महीने में भीषण गर्मी पडी थी। अब एक बार फिर जून के महीने में गर्मी से लोग सिहर जा रहे हैं। रविवार को अधिकतम तापमान 43 - 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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पेड़ की छांव भी नहीं दिला पा रही बहुत राहत गर्मी से बचने के लिए तमाम प्रकार के जुगत लगाए जा रहे हैं। गांव के लोग ज्यादातर पंखे का प्रयोग करते हैं। अपवाद में कुछ घरों में कूलर का लुफ्त उठा रहे हैं। वहीं कुछ लोग पेड़ की छांव में भी बैठकर गर्मी से बचाव कर रहे हैं। इस बीच बिजली की आंखमिचौनी भी लोगों को परेशान करने लगी है। करीब एक महीना से अधिक दिनों से रात में दो तीन बार बिजली आंख मिचोनी करती है। बिजली कटते ही उमस की वजह से लोगों की नींद टूट जाती है। ऐसे में लोगों को घंटों तक हाथ वाले पंखा का सहारा लेना पड़ता है।

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