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    खनवां गांव स्थित मां आदि शक्ति महारानी मंदिर

    By JagranEdited By:
    Updated: Tue, 16 Oct 2018 07:52 PM (IST)

    खनवां स्थित आदि शक्ति मां महारानी की महिमा अपरंपार है। जो भी भक्त सच्चे ह्रदय से मां के।

    खनवां गांव स्थित मां आदि शक्ति महारानी मंदिर

    नवादा। खनवां स्थित आदि शक्ति मां महारानी की महिमा अपरंपार है। जो भी भक्त सच्चे ह्रदय से मां के दरबार में मत्था टेकते हैं, उन्हें मनोवांछित फल की प्रप्ति होती है। शारदीय नवरात्रि में दुर्गा पूजा के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं की काफी भीड़ उमड़ती है। महिलाएं पुत्र, धन, वैभव एवं यश की प्राप्ति के लिए माता से आरधना करती हैं। मनोकामना पूर्ण होने पर नारियल फोड़ने, चुंदरी चढ़ाने और मां की गोद भरने की भी परम्परा है। महारानी का मंदिर काफी प्रसिद्ध होने के कारण यहां दूसरे राज्य के श्रद्धालु भी पूजा अर्चना के लिए आते हैं। माता के दर पर आए श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो इसके लिए मंदिर कमेटी के सदस्य हमेशा तत्पर रहते हैं। हर साल की भांति इस साल भी अधिक भीड़ को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में विशेष व्यवस्था के साथ साज सज्जा का कार्य किया जा रहा है। दुर्गा पूजा को लेकर ग्रामीणों में उत्साह देखा जा रहा है।

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    क्या है इतिहास

    -सांसद आदर्श ग्राम खनवां स्थित मां आदि शक्ति महारानी मंदिर का इतिहास काफी पुराना है। जानकर बतलाते हैं कि वर्षो पूर्व खनवां गांव घना जंगल था। उस समय वनियात जाति (लकड़हरा) लोग मां महारानी की पूजा अर्चना किया करते था। मां महारानी की महिमा अपरंपार है। यहां बलि देने की भी प्रथा चली आ रही है। यहां नवरात्रा में काफी संख्या में श्रद्धालु पूजा अर्चना करने आते हैं। मन्नतें पूरी होने पर अष्टमी व नवमीं के दिन खोंइछा भरने एवं नारियल-चुनरी चढ़ा कर मां महारानी की पूजा-अर्चना करते हैं। नवरात्रि के बाद भी प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को पूजा के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है।

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    मां महारानी मंदिर का किया जा रहा जीर्णोद्धार

    -प्राचीन काल के बने आदि शक्ति मां महारानी मंदिर का जीर्णोद्धार की कवायद जोर शोर से चल रही है। पूर्व मुखिया सतीश ¨सह ने बताया कि मंदिर नव निर्माण में करीब तीन करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। यह खर्च और ज्यादा भी हो सकती है। भव्य मंदिर निर्माण कार्य के लिए पिछले 24 फरवरी 18 को शिलान्यास किया गया था। निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों एवं आसपास के लोगों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। जो श्रद्धालु 11 हजार एवं उससे अधिक रुपये मंदिर में दान देगें उनका नाम शिलापट्ट पर लिखा जाएगा।

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    क्या कहते हैं पुजारी

    - मां महारानी सच्चे मन से आराधना करने पर सभी मनोकामना पूर्ण करते हैं। 25 वर्षो से मैं माता का दरबार में पूजा अर्चना कर रहा हूं। इसके पूर्व हमारे पिता स्व. अलखदेव पांडेय महारानी मंदिर में पुजारी का काम करते थे।

    कुंज बिहारी पांडेय, पुजारी। फोटो-03

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    क्या कहते हैं भक्त

    - मां के प्रति गांव वासियों को असीम आस्था है। गांव में जब भी किसी को कोई परेशानी आती है तो मां के दरबार में आकर हाजरी लगाते हैं। मत्था टेक कर मां की चरणों में फरियाद करते हैं। मां की असीम कृपा से उनके सभी कष्टों का निवारण हो जाता है।

    सत्येन्द्र ¨सह,मां महारानी के भक्त, खनवां। फोटो-02