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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

किसान के बेटे ने यूपीएससी में लहराया परचम

By JagranEdited By:
Published: Tue, 04 Aug 2020 11:27 PM (IST)Updated: Wed, 05 Aug 2020 07:32 AM (IST)

पकरीबरावां (नवादा) खुद पर विश्वास हो तो हर चीज मुमकिन हो जाती है। यह साबित कर दिखाया है जिले के पकरीबरावां प्रखंड के कबला गांव निवासी कुमार संजीव कुमार ने।

किसान के बेटे ने यूपीएससी में लहराया परचम
किसान के बेटे ने यूपीएससी में लहराया परचम

पकरीबरावां (नवादा) : खुद पर विश्वास हो तो हर चीज मुमकिन हो जाती है। यह साबित कर दिखाया है जिले के पकरीबरावां प्रखंड के कबला गांव निवासी कुमार संजीव कुमार ने। उन्होंने यूपीएससी की सिविल सर्विसेज परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने दूसरे प्रयास में कामयाबी हासिल कर ली। मंगलवार को घोषित नतीजे में उन्हें यूपीएससी की परीक्षा में 365वां रैंक प्राप्त हुआ है। कुमार संजीव कहते हैं कि हमेशा खुद पर विश्वास रखिए। असफलता से निराश नहीं होना चाहिए और कड़ी मेहनत जारी रखनी चाहिए। कामयाबी जरुर मिलती है और अपने इसी जज्बे से दूसरे प्रयास में मंसूबे को पूरा कर लिया। इनके पिता कुमार मिथिलेश सिंह पेशे से किसान हैं और मां मीना देवी गृहिणी। अपने बेटे की इस सफलता पर दोनों फूले नहीं समा रहे। कुमार संजीव ने पड़ोस के प्रखंड कौआकोल के ओखरिया उच्च विद्यालय से 10वीं और वारसी कॉलेज पांडेय गंगौट से इंटर की परीक्षा पास की थी। इसके बाद झारखंड राज्य के धनबाद स्थित आइएसएम से आइआइटी की पढ़ाई की और कॉलेज टॉपर बने। गेट में उन्हें 17वां स्थान प्राप्त हुआ। फिलहाल वे गुरुग्राम में बिजली विभाग में डिप्टी मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं।

वे कहते हैं कि समाज के लिए कुछ बेहतर करने की इच्छा थी, इसके लिए एक बेहतर प्लेटफॉर्म की आवश्यकता थी। इसलिए उन्होंने यूपीएससी को चुना। आज इसमें सफलता मिली है तो समाज की बेहतरी के लिए काम करेंगे। इधर, संजीव के सफल होने के बाद गांव में जश्न का माहौल है। ग्रामीणों में काफी खुशी देखी जा रही है। नाते-रिश्तेदार भी काफी गदगद हैं। राकेश रंजन, मिटू सिंह उर्फ प्रिस कुमार, रामाशीष सिंह, धीरेंद्र कुमार, सुरेश सिंह, भूषण सिंह, नवल सिंह, सतेंद्र सिंह, चंद्रिका सिंह, विनोद सिंह आदि ने उन्हें बधाई दी है। उनके दोस्त राकेश रंजन ने सफलता अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि कुमार संजीव काफी मेधावी रहे हैं। स्वभाव मिलनसार रहा है। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।