विद्यालयों में गठित होंगे यूथ व इको क्लब
बिहारशरीफ। सरकारी विद्यालयों में यूथ एवं इको क्लब गठित करने का फैसला लिया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को सहशैक्षिक गतिविधियों से जोड़कर उनका कौशल विकसित करना है। साथ ही पर्यावरण सुरक्षा के कार्य से जोड़ कर इसके प्रति जवाबदेह बनाना है। यूथ क्लब के माध्यम से जीवन कौशल आत्मसम्मान एवं आत्मविश्वास को बढ़ावा देना है। बचों को तनाव भय एवं शर्म जैसी नकारात्मक भावनाओं से परे उठाना है। जबकि इको क्लब के सदस्य पर्यावरणीय गतिविधियों में भाग लेंगे।
बिहारशरीफ। सरकारी विद्यालयों में यूथ एवं इको क्लब गठित करने का फैसला लिया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को सहशैक्षिक गतिविधियों से जोड़कर उनका कौशल विकसित करना है। साथ ही पर्यावरण सुरक्षा के कार्य से जोड़ कर इसके प्रति जवाबदेह बनाना है।
यूथ क्लब के माध्यम से जीवन कौशल, आत्मसम्मान एवं आत्मविश्वास को बढ़ावा देना है। बच्चों को तनाव, भय एवं शर्म जैसी नकारात्मक भावनाओं से परे उठाना है। जबकि इको क्लब के सदस्य पर्यावरणीय गतिविधियों में भाग लेंगे। पर्यावरण सुरक्षा के बारे में समझ विकसित करेंगे। इस मंच के जरिए पर्यावरण सुरक्षा कार्यक्रम को समुदाय से जोड़ा जाएगा।
क्लब के गठन का जिम्मा प्रधान शिक्षक को दिया गया है। दोनों क्लबों के इंचार्ज एचएम ही होंगे। दोनों क्लब के लिए एक-एक नोडल शिक्षक नामित होंगे। अध्यक्ष एवं सचिव का चयन प्रधान शिक्षक करेंगे। प्रत्येक क्लब की सदस्य संख्या 20 होगी। इनमें 10 छात्राएं होंगी। प्राथमिक स्तर पर वर्ग चार एवं पांच के विद्यार्थी सदस्य होंगे। जबकि प्रारंभिक स्तर पर छठी, सातवीं एवं आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को सदस्य बनाया जाएगा। क्लब की गतिविधियों का नेतृत्व अध्यक्ष करेंगे। इसका अपना वार्षिक कैलेंडर होगा। वार्षिक पत्रिका निकालने के भी निर्देश दिए गए हैं। कक्षा की घंटी के बाद कार्ययोजना बनाकर गतिविधियों का संचालन किया जाना है। यूथ क्लब की गतिविधियों में मुख्यत: क्विज, डिबेट, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद, खेल सामग्रियों के उपयोग, पुस्तकालय और प्रयोगशाला के उपयोग शामिल हैं।
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पांच से 15 हजार रुपए खर्च का है प्रावधान
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इको क्लब जल संरक्षण, पौधा संरक्षण एवं कचरा प्रबंधन कार्य की गतिविधियों में शामिल होगा। इको क्लब को समुदाय से जोड़कर पर्यावरण संरक्षण के कार्यक्रम में सहयोग लिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने दोनों क्लबों के लिए कैलेंडर भी तैयार किया है, जिसमें प्रत्येक महीने की महत्वपूर्ण तिथियों पर एक्टिविटी की जा सकती है। इसी आधार पर क्लब अपना वार्षिक कैलेंडर बना सकता है। प्राथमिक कक्षा के क्लब को साल में 10 एक्टिविटी करनी है, जिस पर 5 ह•ार रुपए व्यय होंगे। जबकि इससे उंची कक्षा के क्लब को साल में 15 गतिविधियां करनी है। इसके लिए 15 हजार रुपए उपलब्ध कराए जाएंगे। इस राशि से स्टेशनरी आदि की खरीद करनी है। इस सम्बंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार ने बीईओ को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। क्लब गठन के लिए विद्यालय खुलने व बच्चों के आने का इंतजार है।
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