राजगीर में हड़ताली शिक्षकों ने कराया सामूहिक मुंडन
अपनी मांगों के समर्थन में विगत 15 दिनों से आंदोलनरत शिक्षकों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया है। इस सिलसिले में राजगीर प्रखंड में शिक्षकों ने सबसे पहले सामूहिक रूप से सिर मुंडवाया। इसके बाद अपने सिर पर एसडब्ल्यूएसपी ( सेम वर्क-सेम पे) लिखवाकर नारेबाजी की।
राजगीर : अपनी मांगों के समर्थन में विगत 15 दिनों से आंदोलनरत शिक्षकों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया है। इस सिलसिले में राजगीर प्रखंड में शिक्षकों ने सबसे पहले सामूहिक रूप से सिर मुंडवाया। इसके बाद अपने सिर पर एसडब्ल्यूएसपी ( सेम वर्क-सेम पे) लिखवाकर नारेबाजी की। सरकार के तानाशाही आदेश के बाद शिक्षकों का आंदोलन और अधिक उग्र होता जा रहा। इस सिलसिले में आज सभी शिक्षक जहां पहले आक्रोश मार्च निकलेंगे। उसके बाद सरकार द्वारा अबतक सभी निर्गत पत्रों, आदेश पत्रों की प्रतियों का होलिका दहन करेंगे। बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के नालन्दा जिला अध्यक्ष डॉ विनायक लोहानी ने कहा कि आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मांगें पूरी होने तक शिक्षक सड़क पर ही रहेंगे। सरकार के फरमान से शिक्षक झुकने वाले नहीं हैं। शिक्षक शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलनरत हैं। सचिव देवनंदन प्रसाद ने कहा कि इस जिले में हड़ताल शत प्रतिशत सफल है। कल से शिक्षक मैट्रिक मूल्यांकन का भी बहिष्कार करेंगे।
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संघ ने कहा मांगों की पूर्ति तक जारी रहेगी शिक्षकों की हड़ताल
- सरकार तथा शिक्षकों झगड़े में बच्चों की पढ़ाई हो रही बाधित
जागरण संवाददाता, बिहारशरीफ: सरकार तथा शिक्षकों के अड़ियल रवैए के बीच बच्चे पिस रहे हैं। सच कहा जाए तो बच्चों के भविष्य की चिता किसी को नहीं है। न सरकार मांग की पूर्ति को तैयार है और न शिक्षक झुकने को। बच्चों की पढ़ाई की क्षतिपूर्ति कैसे होगी, यह बड़ा सवाल है। अपनी मांगों को ले बुधवार को भी शिक्षक हड़ताल पर रहे। बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के बैनर तले माध्यमिक, उच्च माध्यमिक तथा पुस्तकालयाध्यक्षों ने अस्पताल मोड़ के पास धरना दिया। जिसमें सरकार की दमनकारी नीतियों का खुलकर विरोध किया गया। कहा कि निलंबन के आदेश से शिक्षक डरने वाले नहीं। वे आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। इस संबंध में संघ के जिला सचिव देवनंदन प्रसाद सिंह ने शिक्षकों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि सरकार कुछ ही दिनों में उनकी मांगें मान लेगी। हमें अपनी एकता बरकरार रखनी होगी। जब तक उनकी मांगें मानी नहीं जाए, शिक्षक विरोध जारी रखें। उन्होंने मैट्रिक परीक्षा की कॉपी मूल्यांकन के बहिष्कार आरंभ रखने की बातें भी कही। इस मौके पर अविनाश चंद्र पांडेय, पंकज कुमार, कविता कुमारी, सविता कुमारी, रूचि कुमारी, रविरंजन, मो. इमरान सहित कई लोग मौजूद थे।
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