कोरोना की खौफ के चलते पहली बार रद्द हुआ कुंडलपुर राजकीय महोत्सव
कोरोना के संक्रमण के ़खौ़फ के चलते कुंडलपुर राजकीय महोत्सव को स्थगित कर दिया गया है। इस संबंध में पर्यटन विभाग बिहार सरकार द्वारा एक पत्र जारी किया गया है। यहां बता दें कि कुंडलपुर स्थित नंद्यावर्त महल में भगवान महावीर की जन्म जयंती मनाने की परंपरा प्राचीन काल से ही चली आ रही है।
संवाद सूत्र, नालंदा : कोरोना की ़खौ़फ के चलते कुंडलपुर राजकीय महोत्सव को स्थगित कर दिया गया है। इस संबंध में राज्य पर्यटन विभाग द्वारा एक पत्र जारी किया गया है। यहां बता दें कि कुंडलपुर स्थित नंद्यावर्त महल में भगवान महावीर की जन्म जयंती मनाने की परंपरा प्राचीन काल से ही चली आ रही है। साल 2010 में इस जन्मोत्सव को राजकीय मेला का दर्जा दिया गया। तब से लगातार इस जन्मोत्सव सह राजकीय मेले का आयोजन पर्यटन विभाग के सौजन्य से होता आ रहा है। किन्तु देश भर में कोरोना वायरस के ़खौ़फ के चलते जहां सभी कार्यक्रमों से दूरी बनायी जा रही है, वहीं भीड़-भाड़ से बचने की सलाह दी गयी है। इसी के मद्देनजर सरकार ने पूर्व से ही तैयारी करते हुए आगामी 6 अप्रैल को होने वाले महोत्सव को स्थगित करने का फैसला किया। जानकारी हो कि इस महोत्सव के दौरान भव्य रथयात्रा एवं महामस्तकाभिषेक का आयोजन होने वाला था। महोत्सव की तैयारी के मद्देनजर भारत के उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू, गृह मंत्री अमित शाह, बिहार के राज्यपाल फागु चौहान, प बंगाल के राज्यपाल सहित कई गणमान्य लोगों के द्वारा शुभकामना संदेश भी प्राप्त हो चुका है। पारस चैनल के जरिए कार्यक्रम के सीधा प्रसारण की भी व्यवस्था की गई थी। इस महोत्सव में भारत के दर्जन भर राज्यों से जैन श्रद्धालुओं के आने की तैयारी की जा रही थी। परंतु महोत्सव स्थगित कर दिया गया। हालांकि, मंदिर प्रशासन अभी भी महोत्सव के आयोजन की उम्मीद रखे हुए है। कुंडलपुर मंदिर के प्रबंधक अनिल जैन, रामाधार जैन तथा लेखपाल अभय जैन ने बताया कि महोत्सव को लेकर पोस्टर आदि तैयार हो चुके हैं। पर्यटन विभाग से अभी तक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। विभाग के निर्देश के बाद अगली रणनीति बनाई जाएगी। ड्यूटी से गायब मिले चार पंचायतकर्मी, बीडीओ ने किया शोकाज
संवाद सूत्र, बिन्द: बीडीओ सूरज कुमार ने बुधवार को पंचायत सरकार भवन उतरथु का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बिना सूचना के पंचायत सरकार भवन में पदस्थापित किसान सलाहकार, पंचायत रोजगार सेवक, आवास सहायक व विकास मित्र गायब थे। बीडीओ ने कहा कि कर्मियों की उपस्थिति पंजी रजिस्टर जांच में इन चारों कर्मियों के मार्च माह में एक दिन भी उपस्थिति दर्ज नहीं है। चारों अनुपस्थित कर्मियों से स्पष्टीकरण की मांग की गई है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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