यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मुजफ्फरपुर में हवाई अड्डा चालू होने से रोजगार में क्या बदलाव होगा? व्यवसाय में क्या सुधार होने की उम्मीद है?
मुजफ्फरपुर के पताही में विमान सेवा शुरू होने से आसपास के क्षेत्रों में विकास की गति बढ़ेगी। सड़कें चौड़ी होंगी ...और पढ़ें

HighLights
- विमान सेवा से भूमि की कीमत में उछाल |
- रोजगार और व्यवसाय में होगी तेजी |
- अतिक्रमण की समस्या होगी समाप्त |
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। पताही से विमान सेवा शुरू होने से आसपास के क्षेत्र में विकास की रफ्तार तेज होगी। इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा। सड़कें चौड़ी व दुरुस्त होंगी। पताही व इसके आसपास की भूमि की कीमत में भी उछाल आएगा।
इसके अतिरिक्त आवासीय होटल, कैफे व रेस्तरां उद्योग भी विकसित होगा। वर्तमान में इस क्षेत्र में गिने-चुने होटल हैं, लेकिन आवासीय नहीं हैं। हवाई अड्डा विकसित होने के बाद इस उद्योग में भी तेजी आएगी। रोजगार से लेकर व्यवसाय में तेजी आएगी।
हवाई सेवा नहीं होने से बड़े उद्योगपति यहां आने से कतराते हैं, लेकिन जब विमान सेवा शुरू होगी तो देशभर के बड़े-बड़े उद्योगपति यहां पर उद्योग लगाने में रुचि लेंगे। रोजगार व व्यवसाय के सिलसिले में भी विमान सेवा का उपयोग करने से आवागमन सुलभ होगा और समय की बहुत बचत होगी। आसपास के क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति में सुधार होगी।
विमान सेवा शुरू होगी तो सड़क किनारे से अतिक्रमण की समस्या भी हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी। इस मार्ग में भगवानपुर से लेकर पताही तक जगह-जगह अतिक्रमण होने से यातायात की स्थिति बहुत खराब है। हमेशा जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ता है। यह परेशानी समाप्त हो जाएगी।
2014 में पीएम ने किया था वादा: वर्ष 2014 में चुनावी सभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पताही हवाई अड्डा मैदान से विमान सेवा शुरू करने का वादा किया था। इसके बाद कई बार प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन भूमि अधिग्रहण में पेच फंसने से परिणाम निकलकर सामने नहीं आया।
तीन सीओ ने मिलकर संयुक्त सर्वे कर रिपोर्ट भी दी। इसमें यहां से बड़ी विमान सेवा शुरू करने का मास्टर प्लान भी बनाया गया। इसके तहत 2345 मीटर लंबे रनवे के निर्माण की बात कही गई थी।
1996 में हुआ था भूमि अधिग्रहण
वर्ष 1996 में पताही हवाई अड्डा के लिए भूमि अधिग्रहण किया गया था। केंद्रीय टीम ने पिछले दिनों इससे संबंधित कागजात का अवलोकन किया था। इसके बाद ऐरोड्रम रेफरेंस प्वाइंट की खोज कर इसे चिह्नित किया गया था। यह फ्लाइंग जोन को दर्शाने में काम आता है।
इस दौरान झाड़ियों में पड़ा इंडिकेटर भी मिला था। इसे निकालकर वहां पर लगा दिया था। इसके बाद जीपीएम मैपिंग की गई थी। आसपास के भवन व बिजली के तारों का अवलोकन किया गया था।
चार दशक का इंतजार होगा समाप्त
विदित हो कि करीब चार दशक से पताही से विमान सेवा शुरू करने की बात चल रही है। अब इसकी स्वीकृति मिली है। इससे जिलेवासियों का इंतजार अब समाप्त होगा। करीब दो माह पूर्व राज्य सरकार ने इसके लिए एमओयू भी साइन किया था। इसके बाद केंद्रीय टीम ने सर्वे कर रिपोर्ट दी थी।
