मुजफ्फरपुर, आनलाइन डेस्क। BJP-VIP Controversy: पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) की गहमागहमी चरम पर है। यह स्वाभाविक भी है। इसके रिजल्ट आगामी 10 मार्च 2022 को घोषित किए जाएंगे, लेकिन बिहार में इसका परिणाम अभी से ही दिखने लगा है। बिहार भाजपा (BJP) और सन आफ मल्लाह (Son of Mallah)मुकेश सहनी की पार्टी वीआइपी (VIP)का संबंध दांव पर है। भाजपा (BJP)की योगी सरकार के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने की मुकेश सहनी (Mukesh Sahni)की घोषणा को देखते हुए पार्टी ने विरोध जताया है। इस बीच पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष और मुजफ्फरपुर से भाजपा सांसद अजय निषाद (MP Ajay Nishad) का बयान भी आ गया है। उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया है कि यदि मुकेश सहनी अपने स्टैंड से पीछे नहीं हटते हैं तो जून-जुलाई 2022 के बाद बिहार सरकार (Bihar Government) में मंत्री नहीं रह पाएंगे। उन्होंने कहा है कि यदि वे यूपी में योगी का रास्ता रोकेंगे तो हमलोग यहां बोचहां विधानसभा उपचुनाव (Bochhan Assembly Bypoll 2022) में उनका रास्ता रोकेंगे। 

बोचहां में मुकेश सहनी का रास्ता रोकेंगे

एक निजी चैनल से बातचीत में भाजपा सांसद अजय निषाद ने कहा कि अब भी बहुत कुछ नहीं बिगड़ा है। मुकेश सहनी अपने फैसले पर फिर से विचार करें और यूपी चुनाव लड़ने की अपनी जिद को छोड़ दें। वैसे भी उनके चुनाव लड़ने से भाजपा और योगी आदित्यनाथ की सरकार पर कोई भी प्रभाव पड़ने वाला नहीं है। वे 165 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की बात कर रहे हैं। पहले तो उन्हें 165 उम्मीदवार मिलने वाले नहीं हैं। यदि किसी भी तरह उम्मीदवार मिल भी जाए तो कोई भी चार अंक में वोट नहीं ला सकता है, किंतु उसके बाद मुकेश सहनी का बिहार में क्या होगा, यह तो वक्त ही बताएगा।

भाजपा समर्थन देने पर विचार करेगी

लोकसभा चुनाव 2024 में मुजफ्फरपुर से चुनाव लड़ने की मुकेश सहनी की घोषणा के बारे में अजय निषाद ने कहा कि उनका कोई जनाधार नहीं है। मैं तो 2019 में उनके आने का इंतजार किया, लेकिन वे खुद ही भागकर खगड़िया चले गए। भाजपा के साथ आने के बाद ही उनकी स्थिति सुधरी और आज भाजपा को ही आंख दिखा रहे हैं। यह गलत है। समाज में भी उनकी पकड़ नहीं है। एक भी चुनाव जीत नहीं सके हैं। उन्हें मंत्री पद कैसे मिला? यह हर कोई जान और समझ रहा है। उनका रवैया नहीं बदलेगा तो पार्टी जुलाई 2022 के बाद उनके विधानपरिषद सदस्यता को आगे बढ़ाने के लिए दिए जा रहे समर्थन पर फिर से विचार करेगी। इस हालत में वे कब तक बिहार सरकार में मंत्री बने रहेंगे यह सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

Edited By: Ajit Kumar